गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त यात्रा की सुविधा समाप्त हो गई है। योगी आदित्यनाथ द्वारा उद्घाटन के बाद दी गई 15 दिन की टोल छूट अवधि खत्म होने के साथ ही रात 12 बजे से टोल वसूली शुरू कर दी गई। अब इस मार्ग पर सफर करने वाले वाहन चालकों को तय दूरी के अनुसार शुल्क देना होगा।
क्लोज्ड टोल सिस्टम लागू
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने बताया कि एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोल प्रणाली लागू की गई है। यानी वाहन जितनी दूरी तय करेगा, उतना ही शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए सभी तकनीकी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं।
आधुनिक तकनीक से होगी वसूली
एक्सप्रेसवे पर मल्टी लेन फ्री फ्लो तकनीक लागू की गई है। इस व्यवस्था में वाहन को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होगी। कैमरे और सेंसर प्रवेश और निकास बिंदुओं पर वाहन की आवाजाही दर्ज करेंगे और उसी आधार पर शुल्क तय किया जाएगा।
कार और बस के लिए अलग दरें
जारी दरों के मुताबिक कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर शुल्क तय किया गया है। पूरे 594 किलोमीटर के सफर पर कार चालकों को लगभग 1795 रुपये तक देना होगा। बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों के लिए यह शुल्क 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर रखा गया है।
यात्रियों की जेब पर असर
टोल लागू होने के बाद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों की लागत बढ़ेगी। खासकर रोजाना या नियमित आवागमन करने वाले वाहन चालकों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि प्रशासन का दावा है कि आधुनिक व्यवस्था से यात्रा सुगम बनी रहेगी।