उत्तर प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान आंधी, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचाई है। राज्य के 26 जिलों में 111 लोगों की मौत हो गई, जबकि 72 लोग घायल हुए हैं। तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण सैकड़ों मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। इस आपदा पर व्लादिमीर पुतिन ने भी शोक व्यक्त किया है।
कई जिलों में सबसे ज्यादा तबाही
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार प्रयागराज में 21, मिर्जापुर में 19, फतेहपुर में 11 और भदोही में 16 लोगों की मौत दर्ज की गई है। इसके अलावा 170 पशुहानि और 227 मकान क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति ठप होने से जनजीवन प्रभावित रहा।
पुतिन ने राष्ट्रपति और पीएम को भेजा संदेश
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हुई जनहानि और तबाही पर गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताई।
राहत और सहायता के निर्देश
राज्य प्रशासन ने प्रभावित जिलों में राहत कार्य तेज कर दिया है। राहत आयुक्त कार्यालय से लगातार निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को प्रभावित परिवारों तक तत्काल सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। हेल्पलाइन और आपदा नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय किए गए हैं।
मौसम विभाग का नया अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार को कई जिलों में लू और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। बांदा, चित्रकूट, कौशांबी और फतेहपुर में लू का असर रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी और तराई क्षेत्रों के 37 जिलों में तेज हवाएं और गरज-चमक की आशंका जताई गई है।
गर्मी का भी बढ़ा असर
आंधी के बाद भी प्रदेश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बरकरार है। बांदा 45.2 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ सबसे गर्म शहर रहा। मौसम विभाग ने शनिवार से लू प्रभावित जिलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई है।