नई दिल्ली - दुनिया भर में हंतावायरस के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। WHO ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ हफ्तों में इस वायरस के और मामले सामने आ सकते हैं। हाल ही में डच क्रूज शिप MV Hondius पर फैले हंतावायरस आउटब्रेक में अब तक 11 लोग संक्रमित पाए गए हैं, जबकि 3 लोगों की मौत हो चुकी है।
स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही
विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायरस आमतौर पर संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है। हालांकि एंडीज स्ट्रेन का यह रूप दुर्लभ माना जाता है, क्योंकि यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, खासकर लंबे समय तक करीबी संपर्क में रहने पर। इसी वजह से कई देशों में यात्रियों को क्वारंटाइन में रखा गया है और स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।
महामारी बनने की संभावना नहीं दिख
WHO का कहना है कि फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम है और यह COVID-19 जैसी महामारी बनने की संभावना नहीं दिख रही। फिर भी लोगों को सावधानी बरतने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और चूहों वाले इलाकों से बचने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं, लेकिन बाद में सांस लेने में गंभीर दिक्कत हो सकती है। इसलिए किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।