नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शुक्रवार (15 मई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि अगले साल से NEET परीक्षा OMR शीट की बजाय कंप्यूटर बेस्ड मोड में कराई जाएगी। सरकार ने यह फैसला पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के लिए लिया है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने क्या कहा?
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि छात्रों का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसे मामलों को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा,
“हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं की वजह से ईमानदार छात्रों का भविष्य खराब हो। इसलिए सरकार ने परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया।”
अगले साल से कंप्यूटर बेस्ड होगा NEET
शिक्षा मंत्री ने बताया कि अब NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव किया जाएगा। अगले साल से परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड मोड में आयोजित होगी। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
दोबारा परीक्षा के लिए मिलेगी शहर चुनने की सुविधा
धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि दोबारा होने वाली NEET-UG परीक्षा के लिए छात्रों को अपनी सुविधा के अनुसार परीक्षा शहर चुनने का मौका दिया जाएगा।
छात्रों को शहर चुनने के लिए एक सप्ताह का समय मिलेगा
एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी किए जाएंगे
NEET (UG) 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित होगी
कैसे सामने आया पेपर लीक मामला?
शिक्षा मंत्री के मुताबिक 7 मई को NTA को शिकायत मिली थी कि कुछ प्रश्न तथाकथित “गेस पेपर” से मेल खा रहे हैं। इसके बाद सरकार और NTA ने तुरंत जांच शुरू की। राज्य एजेंसियों से जानकारी जुटाई गई और जब पेपर लीक की पुष्टि हुई तो परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया गया।
CBI कर रही जांच
सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि इस बार शिक्षा माफिया और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।