नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने कूटनीतिक स्तर पर सक्रियता तेज कर दी है। इसी कड़ी में विदेश सचिव विक्रम मिसरी रविवार से फ्रांस और जर्मनी की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पर रवाना होंगे। इस दौरे को वैश्विक हालात के बीच भारत की रणनीतिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पेरिस में होगी व्यापक रणनीतिक बातचीत
फ्रांस की राजधानी पेरिस में मिसरी, फ्रांस के विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएंस के साथ भारत-फ्रांस विदेश कार्यालय परामर्श की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस दौरान रक्षा सहयोग, असैन्य परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष कार्यक्रम, साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
बर्लिन में व्यापार और हरित ऊर्जा पर फोकस
इसके बाद जर्मनी की राजधानी बर्लिन में मिसरी, जर्मन विदेश कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी गेजा आंद्रेयास वॉन गेय्र के साथ भारत-जर्मनी वार्ता की सह-अध्यक्षता करेंगे। यहां दोनों देश व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, तकनीक, शिक्षा और विकास सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
वैश्विक चुनौतियों पर समन्वय बढ़ाने की कोशिश
इस दौरे के दौरान विदेश सचिव की यूरोप के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों से भी मुलाकात की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता के बीच यह यात्रा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर समन्वय बढ़ाने और भारत की कूटनीतिक स्थिति को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी।