कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान के लिए जब सुरक्षा बल और चुनाव कर्मी मोर्चा संभाल रहे हैं, तब कुदरत के दोहरे मार ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कई दिनों से जारी भीषण लू (Heatwave) के कारण चुनाव ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की तबीयत बिगड़ने लगी है, वहीं बुधवार को वोटिंग के दिन मौसम विभाग ने भारी बारिश और काल कालबैसाखी का पूर्वानुमान जताया है।
भीषण गर्मी की चपेट में चुनाव कर्मी
दक्षिण बंगाल के जिलों में पारा चढ़ने के साथ ही उमस ने जीना मुहाल कर दिया है।
भांगड़ का मामला: भांगड़ के घटकपुकुर DCRC (डिस्पैच एंड रिसीविंग सेंटर) में ड्यूटी पर आए केंद्र सरकार के कर्मचारी सीएस सुधाकर भीषण गर्मी के कारण अचानक बेहोश हो गए। बिहार के रहने वाले सुधाकर को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है।
दक्षिण दिनाजपुर: बुनियादपुर के डीसीआरसी सेंटर में भी ऐसी ही घटना सामने आई, जहाँ चुनाव कर्मी संजीत कुंडू कतार में खड़े-खड़े अचानक जमीन पर गिर पड़े। सहकर्मियों ने उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
मतदान के दिन मौसम का 'यू-टर्न'
अलीपुर मौसम विभाग ने राहत और आफत दोनों की खबर दी है। 29 अप्रैल को मतदान के दिन कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में कालबैसाखी (Thundersquall) आने की प्रबल संभावना है।
तूफान की चेतावनी:नदिया, पूर्व बर्धमान और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बारिश का अलर्ट: कोलकाता, हावड़ा, हुगली और नदिया में गरज के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। उत्तर बंगाल के ऊपरी पांच जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।
वोटरों के लिए दोहरी चुनौती
पहले चरण के मतदान के दौरान भी कई इलाकों में कतार में खड़े मतदाता बीमार पड़ गए थे। अब दूसरे चरण की 142 सीटों पर होने वाले मतदान में एक तरफ भीषण उमस और दूसरी तरफ भारी बारिश की चेतावनी ने मतदाताओं और चुनाव आयोग दोनों की परीक्षा लेने की तैयारी कर ली है। कोचबिहार जैसे कुछ इलाकों में 'पिंक बूथ' और मेडिकल टीमों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।