कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक दशक बाद आया बदलाव अब प्रशासनिक गलियारों में भी साफ दिखने लगा है। राज्य प्रशासन के मुख्यालय 'नवान्न' (Nabanna) से तृणमूल कांग्रेस के दौर की याद दिलाने वाली 'नील-सदा' (नीली-सफेद) रोशनी हटा दी गई है। रविवार रात सचिवालय की इमारत को भव्य 'गेरुआ' (Saffron) रोशनी से सजाया गया, जो राज्य में राजनीतिक बदलाव की नई तस्वीर पेश कर रहा है।
नवान्न में आज पहली कैबिनेट और प्रशासनिक बैठक
राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज (सोमवार) नवान्न में अपनी पहली महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। हालांकि भाजपा ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राज्य का शासन दोबारा 'राइटर्स बिल्डिंग' (महाकरण) से चलाया जाएगा, लेकिन नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक नवान्न में ही आयोजित की जा रही है।इस बैठक में शुभेंदु अधिकारी पांच प्रमुख मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा कर सकते हैं। इसके अलावा, राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन के साथ भी उच्च स्तरीय चर्चा होनी है।
सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा
मुख्यमंत्री की पहली बैठक को देखते हुए रविवार को ही सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई। कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा और हावड़ा के कमिश्नर अखिलेश चतुर्वेदी ने खुद नवान्न का दौरा किया। दोनों अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के सुरक्षा घेरे, सभाघर की सुरक्षा और प्रवेश द्वारों का बारीकी से निरीक्षण किया। बैठक के लिए नवान्न सभाघर में सुरक्षा संबंधी एक विशेष बैठक भी की गई है।
महाकरण की ओर वापसी
साल 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महाकरण के जीर्णोद्धार के लिए सचिवालय को हावड़ा के शिवपुर स्थित नवान्न में स्थानांतरित किया था। अब 15 साल बाद (परिवर्तन के समय से गणना) सत्ता बदलने पर भाजपा सरकार प्रशासन को वापस ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग के पुराने गलियारों में ले जाने की तैयारी में है। महाकरण को भी गेरुआ रोशनी से सजा दिया गया है।