कोलकाता: पश्चिम बंगाल को साफ-सुथरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए राज्य की नई भाजपा सरकार ने एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया है। राज्य में आधिकारिक तौर पर 'स्वच्छ ऐप' (Swachh App) लॉन्च कर दिया गया है। इसके साथ ही आगामी सितंबर महीने से पूरे राज्य में 'वेस्ट फाइन' (Waste Fine यानी गंदगी फैलाने पर जुर्माना) का नियम लागू होने जा रहा है।
इस ऐप के उद्घाटन कार्यक्रम में खुद केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल उपस्थित थे।
"गंदगी देखें तो ऐप पर फोटो खींचकर अपलोड करें" — मनोहर लाल खट्टर
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐप लॉन्चिंग के मौके पर पूर्ववर्ती ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा,"पिछले 10-12 वर्षों में देश के अन्य राज्यों में स्वच्छता और विकास के जो काम हुए, वे बंगाल में नहीं हो सके। हम इन अधूरे कामों को तेजी से पूरा करेंगे। जब मैं कोलकाता की सड़कों से गुजरता हूं, तो कचरे के ढेर देखता हूं। शहर को साफ रखने में आम जनता की जिम्मेदारी सबसे बड़ी है।"
उन्होंने ऐप की कार्यप्रणाली समझाते हुए कहा कि अब नागरिक कहीं भी कचरा देखने पर उसकी तस्वीर ऐप पर अपलोड कर सकते हैं। स्थानीय नगर पालिका उस तस्वीर को देखकर तुरंत सफाई करेगी और शिकायतकर्ता को समाधान की सूचना भी दी जाएगी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर 10 नगर पालिकाओं में शुरुआत
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बताया कि फिलहाल इस योजना और ऐप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राज्य के 10 नगर निकायों में शुरू किया जा रहा है। आने वाले समय में इसे पूरे राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
पहले चरण में शामिल निकाय:
आसनसोल कॉर्पोरेशन, दुर्गापुर कॉर्पोरेशन, बशीरहाट, पूजली, तूफानगंज, कांथी (काँथई), कृष्णनगर, नलहाटी, बैद्यबाटी और मध्यमग्राम नगर पालिका।
सुधार के लिए मिलेंगे 3 महीने, हर बस में होगा 'वेस्ट बैग'
शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि आम जनता को अपनी आदतें सुधारने और जागरूक होने के लिए 3 महीने का समय (विंडो पीरियड) दिया जा रहा है। इस दौरान लोगों को जागरूक किया जाएगा, जिसके बाद सितंबर से सीधे जुर्माने की कार्रवाई शुरू होगी।
नए नियमों के मुख्य बिंदु:
100 मीटर पर डस्टबिन: राज्य के शहरी इलाकों में हर 100 मीटर की दूरी पर डस्टबिन लगाए जाएंगे।
इन हरकतों पर लगेगा जुर्माना: सड़क पर चिप्स के पैकेट फेंकने, कचरा डालने, पान की पीक या थूक फेंकने और खुले में पेशाब करने पर पुलिस और प्रशासन द्वारा भारी जुर्माना वसूला जाएगा।
बसों में वेस्ट बैग अनिवार्य: राज्य की हर सार्वजनिक बस में 'वेस्ट बैग' (Waste Bag) रखना अनिवार्य होगा, ताकि यात्री कचरा सड़क पर फेंकने के बजाय उसी बैग में डालें।
"बंगाल को वापस दिलाएंगे गौरव, केंद्र के साथ मिलकर होगा काम" — CM सुवेंदु
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि 'डबल इंजन' सरकार का फायदा अब बंगाल के लोगों को मिलने लगा है। उन्होंने कहा:"बंगाल जो कभी उद्योग और संस्कृति की राजधानी था, वह पिछली सरकार की नीतियों के कारण पिछड़ गया। अब हमारा शहरी विकास मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है। प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को दूर करने के लिए हमने चिंगड़ीघाटा की समस्या को तुरंत सुलझाया है। हमने सचिव को निर्देश दिया है कि जिन इलाकों में 25-30 लाख की आबादी है, वहां मेट्रो विस्तार के लिए DPR तैयार की जाए।"
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि किसानों के भारी बिजली बिल की समस्या को दूर करने के लिए बंगाल सरकार की एक टीम जल्द ही 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' को लेकर दिल्ली का दौरा करेगी। साथ ही, पूर्ववर्ती सरकार की तरह डीवीसी (DVC) पर झूठा दोष मढ़ने के बजाय, अब राज्य और डीवीसी मिलकर बाढ़ नियंत्रण और बिजली क्षेत्र में काम करेंगे।