आईएमडी की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में आज मौसम सामान्य रूप से साफ बना हुआ है। राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सुबह और शाम की हल्की ठंडी हवाओं के बीच दिन में धूप खिली रही। बीते दिन दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग अट्ठाईस दशमलव चार डिग्री तथा न्यूनतम चौदह दशमलव दो डिग्री दर्ज किया गया। अगले छह दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पाँच डिग्री अधिक रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान भी सामान्य से डेढ़ से पाँच डिग्री अधिक रहने का अनुमान है। आसमान अधिकतर साफ रहेगा, हालांकि सुबह के समय हल्की धुंध छा सकती है।
नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बदलता मौसम
मौसम विभाग के अनुसार बाईस फरवरी से एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसका असर उत्तर भारत के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में दिखाई देगा। वर्तमान में इसका प्रसार उत्तर-पश्चिम बिहार से मध्य प्रदेश तक फैला हुआ है और यह पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ रहा है। इसके कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊपरी इलाकों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश की संभावना बढ़ गई है। उत्तर भारत में समुद्र तल से लगभग सौ समुद्री मील ऊँचाई पर पश्चिमी जेट स्ट्रीम तेज गति से सक्रिय है, जिससे सुबह और शाम हल्की ठंडी हवाएँ चलने की स्थिति बनी रहेगी।
मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में मिश्रित प्रभाव
पश्चिमी विक्षोभ के चलते उत्तर भारत के व्यापक हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की आशंका है। मैदानी क्षेत्रों में तापमान अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते ठंड में हल्की बढ़ोतरी देखी जा सकती है। किसानों को भी मौसम में इस बदलाव के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से फसलों पर प्रभाव पड़ सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी
केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में अगले एक से दो दिनों तक भारी बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनी रह सकती है। मौसम विभाग ने बताया कि इक्कीस फरवरी को इन राज्यों में तेज हवाओं के साथ वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से केरल के माहे क्षेत्र और चेन्नई नगर में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर हवा की गति तीस से चालीस किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुँच सकती है, जिससे समुद्री क्षेत्रों और तटीय इलाकों में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
देशभर में मौसम में व्यापक उतार-चढ़ाव के संकेत
गर्मी के बढ़ते प्रभाव के बीच उत्तर और दक्षिण भारत में बदलते मौसम की यह स्थिति व्यापक मौसमी उतार-चढ़ाव को दर्शाती है। जहाँ उत्तर भारत में हल्की ठंडक और बारिश का मिश्रित प्रभाव दिखाई देगा, वहीं दक्षिण भारत में भारी बारिश और तूफानी हवाओं से दैनिक जीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग नागरिकों से सतर्क रहने और आवश्यक एहतियात बरतने की अपील कर रहा है।
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