महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष की महिला सांसदों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। जहां एक ओर इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसके लागू करने की प्रक्रिया और समय को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं।
महिला आरक्षण संशोधन विधेयक का मैं स्वागत करती हूं
दिल्ली हज समिति अध्यक्ष कौसर जहां ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक पर कहा कि,केंद्र सरकार द्वारा महिला आरक्षण में संशोधन एक बहुत ही एतिहासिक फैसला है 2029 के चुनाव से पहले संसद और विधानसभा में महिला आरक्षण को लागू करने का फैसला देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में बहुत बड़ा निर्णय है इसका मैं स्वागत करती हूं और पीएम मोदी का बहुत धन्यवाद करती हूं इससे राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और विकास को नई गति मिलेगी।
महिला आरक्षण बिल पर हेमा मालिनी का बयान
महिला आरक्षण बिल पर भारतीय जनता पार्टी की मथुरा सांसद हेमा मालिनी ने कहा कि, यह बिल लाया जाना चाहिए। यह बिल महिलाओं को और मज़बूत बनाने के लिए लाया जाना चाहिए और संसद में उनकी भागीदारी ज़रूरी है। सर्वदलीय बैठक को लेकर विपक्ष द्वारा सरकार पर सवाल उठाए जाने पर उन्होंने कहा कि, विरोध करना विपक्ष का काम है। युद्ध के इस समय में हमें एकता दिखानी चाहिए, यह बहुत जरूरी है।
महिला आरक्षण बिल पर डिंपल यादव का बयान
महिला आरक्षण बिल पर समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। सपा नेता डिंपल यादव ने कहा कि, विपक्षी पार्टियों का यही मानना है कि सरकार अपनी भूमिका स्पष्ट करे कि वो किस तरह महिला आरक्षण बिल लाना चाहती है।
महिला आरक्षण ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को मिले
महिला आरक्षण बिल पर JMM सांसद महुआ माजी ने कहा कि, अभी कई राज्यों में चुनाव हैं, तो चुनाव के बाद एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए और उसके अनुरूप निर्णय लिए जाएं। उन्होंने आगे कहा कि, हम चाहते हैं कि महिला आरक्षण हो और ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को इसका लाभ मिले, तो उसमें जो भी प्रावधान हों, वो सबकी सहमती से हो।