नई दिल्ली - अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के प्रसारण के दौरान दिखाए जाने वाले एडल्ट श्रेणी के विज्ञापनों को लेकर चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने आपत्ति जताई है। संगठन ने आईसीसी चेयरमैन Jay Shah को पत्र लिखकर फैमिली व्यूइंग टाइम के दौरान ऐसे विज्ञापनों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की है।
फैमिली व्यूइंग टाइम का हवाला
सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने अपने पत्र में कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों को बच्चे, बुजुर्ग और पूरा परिवार एक साथ देखता है। ऐसे समय में कंडोम, डेटिंग ऐप और अन्य एडल्ट श्रेणी के विज्ञापनों का प्रसारण उचित नहीं माना जा सकता। संगठन ने आईसीसी से आग्रह किया है कि इस प्रकार के विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
भारत-इंग्लैंड मैच का दिया उदाहरण
सीटीआई ने अपने पत्र में 4 जुलाई 2026 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर स्थित Old Trafford Cricket Ground में खेले गए भारत और इंग्लैंड के दूसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच का उल्लेख किया है। संगठन का दावा है कि मैच के दौरान ओवरों के बीच ड्यूरेक्स कंडोम का विज्ञापन प्रसारित किया गया, जबकि करोड़ों दर्शक अपने परिवार के साथ लाइव मुकाबला देख रहे थे। सीटीआई का कहना है कि इस तरह के विज्ञापन पारिवारिक दर्शकों के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकते हैं।
आईसीसी से नीति बनाने की मांग
सीटीआई ने अपने पत्र में आईसीसी से अनुरोध किया है कि भविष्य में क्रिकेट मैचों के प्रसारण के दौरान विज्ञापनों के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जाएं। संगठन का कहना है कि पारिवारिक समय में प्रसारित होने वाले खेल आयोजनों में ऐसे विज्ञापनों से बचना चाहिए, ताकि सभी आयु वर्ग के दर्शक बिना किसी असहजता के मैच का आनंद ले सकें।
बहस का विषय बना मुद्दा
यह मामला सामने आने के बाद खेल प्रसारण में विज्ञापन नीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। एक ओर कुछ लोग पारिवारिक प्रसारण के दौरान ऐसे विज्ञापनों पर रोक की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विज्ञापन उद्योग और प्रसारण अधिकारों से जुड़े पक्षों का मानना है कि विज्ञापन नियमन संबंधित नियमों और कानूनों के दायरे में तय किया जाना चाहिए। फिलहाल आईसीसी की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।