बार्सिलोना: फुटबॉल की दुनिया के सबसे बड़े मुकाबले 'एल क्लासिको' (El Clasico) का अंत बार्सिलोना के जश्न के साथ हुआ। नू कैंप स्टेडियम में खेले गए इस निर्णायक मैच में बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 2-0 से हराकर अपना 29वां ला लिगा खिताब जीत लिया है। इस जीत के साथ ही हांसी फ्लिक की टीम ने अंक तालिका में 14 अंकों की अजेय बढ़त बना ली है।
मैदान पर बार्सिलोना का दबदबा
मैच के शुरुआत से ही बार्सिलोना ने आक्रामक रुख अपनाया। खेल के 18वें मिनट में ही बार्सिलोना ने मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी:
पहला गोल: मार्कस रैशफोर्ड ने 20 गज की दूरी से एक शानदार फ्री-किक लगाकर गेंद को सीधे नेट में डाल दिया।
दूसरा गोल: दानी ओल्मो के बेहतरीन बैकहिल पास पर फेरान टोरेस ने गोलकीपर थिबॉट कोर्टुआ को छकाते हुए दूसरा गोल दागा।
बिखरा हुआ दिखा रियल मैड्रिड
मैच शुरू होने से पहले ही रियल मैड्रिड के ड्रेसिंग रूम में कलह की खबरें सामने आईं। फेडेरिको वाल्वरडे और ऑरेलियन चुआमेनी के बीच ट्रेनिंग के दौरान हुई झड़प ने टीम के मनोबल को प्रभावित किया। मैदान पर विनी जूनियर और जूड बेलिंगहैम ने कोशिशें तो कीं, लेकिन वे बार्सिलोना के डिफेंस को नहीं भेद पाए। रियल के कोच अल्वारो अर्बेलोआ टीम को संभालने में विफल रहे, और अब क्लब में जोस मोरिन्हो के आने की चर्चा तेज हो गई है।
हांसी फ्लिक का व्यक्तिगत संघर्ष
बार्सिलोना की इस जीत के पीछे कोच हांसी फ्लिक की इमोशनल कहानी भी सामने आई। मैच से कुछ घंटे पहले ही उनके पिता का निधन हो गया था, लेकिन उन्होंने टीम का साथ नहीं छोड़ा और डगआउट में मौजूद रहे। जीत के बाद फ्लिक ने कहा, "यह दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा। सुबह मां का फोन आया था, लेकिन मैंने टीम के लिए रुकने का फैसला किया। अब हमारा अगला लक्ष्य चैंपियंस लीग जीतना है।"
युवा ब्रिगेड का जादू
लामिन यामल, पेड्री और कुबार्सी जैसे युवा खिलाड़ियों से सजी यह बार्सिलोना टीम अब यूरोप पर राज करने का सपना देख रही है। जहाँ रियल मैड्रिड अभी भी अपने आंतरिक विवादों को सुलझाने में लगा है, वहीं बार्सिलोना ने इस जीत से साबित कर दिया है कि वे फिलहाल स्पेन की नंबर एक टीम हैं।