नई दिल्ली - भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में मेजबान इंग्लैंड ने ऐतिहासिक सफलता हासिल कर ली है। चौथे मुकाबले में भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त देकर इंग्लैंड ने सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली। इसके साथ ही इंग्लैंड ने पहली बार भारत के खिलाफ किसी द्विपक्षीय टी20 सीरीज पर कब्जा जमाया। लंबे समय से टी20 क्रिकेट में भारत का दबदबा रहा था, लेकिन इस सीरीज में इंग्लिश टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उस सिलसिले को तोड़ दिया।
भारतीय बल्लेबाजी रही पूरी तरह नाकाम
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे बल्लेबाज बड़ी साझेदारी नहीं बना सके। शीर्ष क्रम और मध्यक्रम दोनों ही उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। निर्धारित 20 ओवर में टीम इंडिया 7 विकेट के नुकसान पर सिर्फ 158 रन ही बना सकी। भारतीय बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज और अनुशासित गेंदबाजी आक्रमण के सामने संघर्ष करते नजर आए।
इंग्लैंड ने 13.5 ओवर में किया लक्ष्य हासिल
159 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक बल्लेबाजी की। भारतीय गेंदबाज मेजबान बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में पूरी तरह विफल रहे। इंग्लैंड ने केवल एक विकेट गंवाकर 13.5 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया। इस आसान जीत ने यह साबित कर दिया कि इंग्लैंड ने इस सीरीज में हर विभाग में भारत से बेहतर प्रदर्शन किया।
टीम इंडिया की लगातार खराब फॉर्म चिंता का विषय
टी20 विश्व कप जीतने के बाद भारतीय टीम का प्रदर्शन लगातार निराशाजनक रहा है। इस सीरीज में टीम इंडिया अब तक जीत का खाता भी नहीं खोल सकी है। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। कप्तानी और टीम संयोजन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लगातार हार ने टीम प्रबंधन की रणनीति पर भी चर्चा तेज कर दी है।
आखिरी मुकाबले में सम्मान बचाने की चुनौती
सीरीज गंवाने के बाद अब भारतीय टीम के सामने अंतिम मुकाबले में अपनी प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती है। यदि भारत आखिरी मैच भी हार जाता है तो इंग्लैंड पहली बार भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में क्लीन स्वीप करने का रिकॉर्ड भी बना सकता है। वहीं इंग्लैंड की टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ अंतिम मैच में उतरकर अपनी ऐतिहासिक जीत को और यादगार बनाने की कोशिश करेगी। दूसरी ओर भारतीय टीम चाहेगी कि आखिरी मुकाबला जीतकर हार के अंतर को कम किया जाए और सकारात्मक अंत के साथ सीरीज समाप्त की जाए।