नई दिल्ली/अज़रबैजान: अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की कार्यकारी समिति द्वारा इस वर्ष अक्टूबर में अज़रबैजान में आयोजित होने वाले आगामी फीफा अंडर-15 विश्व कप के लिए बिना पूर्व सूचना दिए भारतीय टीम का मैनेजर नियुक्त किए जाने पर मिनर्वा एफसी के मालिक रंजीत बजाज ने आपत्ति जताते हुए जिम्मेदारी संभालने से इनकार कर दिया है। रंजीत बजाज का कहना है कि किसी भी पेशेवर संस्था में किसी व्यक्ति को पूर्व सूचित किए बिना आधिकारिक रूप से उसके नाम की घोषणा नहीं की जाती।
"अपरिचित टीम के साथ काम करना संभव नहीं"
रंजीत बजाज ने मीडिया साक्षात्कार में बताया कि उन्हें इस नियुक्ति की जानकारी अन्य लोगों से मिले बधाई संदेशों के जरिए हुई, जिसके बाद उन्होंने खुद महासंघ के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एआईएफएफ की कार्यकारी समिति ने अंडर-15 पुरुष टीम का मुख्य कोच बिबियानो फर्नांडिस को बनाया है और सपोर्ट स्टाफ भी उन्हीं का रहेगा। बजाज के अनुसार, वह बिबियानो फर्नांडिस के कोचिंग स्टाफ को नहीं जानते हैं, इसलिए उनके साथ तालमेल बिठाकर काम करना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने इस परिस्थिति की तुलना जोस मोरिन्हो और पेप ग्वार्डियोला के एक साथ काम करने से की।
भारतीय फुटबॉल में अनोखा फैसला
भारतीय फुटबॉल के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी निजी फुटबॉल क्लब के मालिक को राष्ट्रीय टीम के प्रबंधन का प्रभार दिया गया था। मिनर्वा एफसी के प्रमुख के रूप में रंजीत बजाज गोथिया कप, हेलसिंकी कप और डाना कप में अपनी टीमों की सफलताओं से भारतीय फुटबॉल जगत में अपनी पहचान बना चुके हैं। मैचों से पहले राष्ट्रीय ध्वज हाथ में लेकर ड्रेसिंग रूम में युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करने के उनके भाषण सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चित रहे हैं।
फीफा अंडर-15 विश्व कप में भारत को मिला सीधा प्रवेश
उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) पहली बार अंडर-15 विश्व कप एवं फेस्टिवल का आयोजन कर रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा से अधिक फुटबॉल का प्रचार-प्रसार करना है। इसी नीति के तहत फीफा से संबद्ध सभी सदस्य देशों को बिना किसी क्वालीफाइंग मैच के सीधे इस टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति दी गई है। इसी व्यवस्था के तहत भारतीय टीम को अक्टूबर महीने में अज़रबैजान में होने वाले इस जूनियर विश्व कप में सीधे खेलने का अवसर मिला है।