मुंबई - विश्व के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल में बल्ले और गेंद के बीच बराबरी की प्रतिस्पर्धा के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। मास्टर ब्लास्टर ने इम्पैक्ट प्लेयर के नियम को खत्म करने की बात कही है जो उनसे पहले भी कई लोग कह चुके हैं।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर बोले सचिन
आपको बता दें कि, सचिन से पहले मुंबई इंडियंस के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, अक्षर पटेल से लेकर कई मौजूदा क्रिकेटरों ने इम्पैक्ट प्लेयर नियम को बदलने की बात कही है। दरअसल, साल 2023 में लागए गए इम्पैक्ट प्लेयर नियम के तहत टीमें अपनी प्लेइंग-11 में एक खिलाड़ी को मैच के दौरान बदल सकती हैं। सचिन ने कहा कि इस नियम को हटा देना चाहिए क्योंकि ये गेंदबाजों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने माहौल के बीच बल्लेबाजों को फायदा पहुंचाने जैसा है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटा देना चाहिए
मास्टर ब्लास्टर सचिन ने कहा कि, व्यक्तिगत तौर पर मुझे ये महसूस होता है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम को हटा देना चाहिए। इसके साथ ही भारत के पूर्व महान बल्लेबाज नेकहा कि, मुझे लगता है कि टी20 फॉर्मेट में जब आपके पास सिर्फ 20 ओवर हैं और आप गेंदबाजों के लिए पहले से ही चुनौतीपूर्ण बने माहौल में एक और बल्लेबाज को जोड़ रहे हो। मुझे ये असंतुलन जैसा दिखता है।
सचिन ने दिए दो अहम सुझाव
सचिन ने आईपीएल में बल्ले और गेंद के बीच उपजे असंतुलन को बदलने के लिए दो और सुझाव दिए हैं। पूर्व बल्लेबाज का मानना है कि, पावरप्ले को दो भागों में बांटा जाए। वहीं पूरे मैच में एक गेंदबाज को पांच ओवर फेंकने की अनुमति हो। उन्होंने आगे कहा कि, छह ओवरों के पावरप्ले में घेरे के बाहर सिर्फ दो फील्डर ही मौजूद रहते हैं। इसमें शुरू के चार ओवर बल्लेबाजों के लिए रहने देते हैं जिसमें अभी जैसा है फील्डिंग वैसी ही रहेगी। विश्व के महानतम बल्लेबाजों में गिने जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने बयान में आगे कहा कि, इसके बाद दो ओवर गेंदबाजों के लिए होने चाहिए और फील्डिंग वाली टीम को ये फैसला करना चाहिए की आखिरी दो ओवर का पावरप्ले उसे कब लेना है। इसमें एक अतिरिक्त फील्डर घेरे के बाहर होना चाहिए।