आज इंटरनेट पर हर सवाल का जवाब तुरंत मिल जाता है, और इसी सुविधा का सबसे संवेदनशील उपयोग लोग अपने स्वास्थ्य से जुड़े सवालों में कर रहे हैं। हल्का सिरदर्द, पेट में मरोड़, खांसी-जुकाम जैसी छोटी समस्याओं में एआई चैटबॉट्स से दवा पूछना आसान लगता है, लेकिन यह आसान तरीका कई बार गलत साबित हो सकता है। एआई सिर्फ जानकारी का संग्रह है, जिसे इंटरनेट पर उपलब्ध डेटा से प्रशिक्षित किया गया है। ये न तो आपके शरीर को समझते हैं और न ही यह आंकते हैं कि कौन-सी दवा आपकी स्थिति के लिए सुरक्षित है। एक डॉक्टर की तरह एआई के पास आपकी उम्र, एलर्जी, जेनेटिक इतिहास, पुरानी बीमारियां या वर्तमान दवाओं की जानकारी नहीं होती, जिससे इसका सुझाव अधिकतर अधूरा या गलत हो सकता है।
गलत सलाह का खतरा और छिपे हुए जोखिम
सिर्फ इंटरनेट पर पढ़ी जानकारी के आधार पर एआई कई बार मेडिकल सलाह दे देता है, लेकिन यह मानना खतरनाक है कि यह सुझाव आपकी स्थिति पर सटीक लागू होता है। कई मामलों में एआई की सलाह गलत साबित होती है, जिससे बीमारी की वास्तविक वजह का देर से पता चलता है। उदाहरण के लिए किसी साधारण सिरदर्द को तनाव बताकर एआई आपको घरेलू उपाय बता सकता है, जबकि वही दर्द उच्च रक्तचाप, न्यूरोलॉजिकल समस्या या किसी बड़े मेडिकल इश्यू का संकेत हो सकता है। यह देरी इलाज को जटिल बना सकती है और स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
दवाओं के दुष्प्रभाव: बिना जांच के दवा लेना जानलेवा
अगर एआई की बताई दवा आप बिना डॉक्टर की जांच के ले रहे हैं, तो यह संयोजन आपके शरीर में रिएक्शन पैदा कर सकता है। हो सकता है कि आपकी ली जा रही वर्तमान दवा किसी नई दवा के साथ टकरा जाए और लिवर, किडनी या हार्ट पर खतरनाक प्रभाव डाले। मेडिकल साइंस में दवा चुनना सिर्फ लक्षणों पर निर्भर नहीं करता, बल्कि पूरे शरीर की स्थिति को समझने पर आधारित होता है, जो एआई कभी नहीं कर सकता।
एंटीबायोटिक्स का गलत उपयोग और वैश्विक खतरा
आज दुनिया में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस एक बड़ी चुनौती बन चुका है। एआई कई बार संक्रमण का शक होने पर एंटीबायोटिक लेने का सुझाव दे सकता है, जबकि असल में इसकी जरूरत नहीं होती। गलत समय, गलत मात्रा और गलत कारण से एंटीबायोटिक लेना शरीर के बैक्टीरिया को मजबूत बना देता है, जिससे भविष्य में असली बीमारी में दवाएं असर करना बंद कर देती हैं। यह स्थिति किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है।
डॉक्टर की नजर और अनुभव कोई मशीन नहीं पहचान सकती
एआई की सीमाएं स्पष्ट हैं। एक डॉक्टर आपकी आंखों की चमक, चेहरे की रंगत, सांस लेने की गति, नब्ज की चाल और शरीर की सूक्ष्म प्रतिक्रियाओं को देखकर जो समझ सकता है, वह कोई भी चैटबॉट नहीं कर सकता। चिकित्सा सिर्फ जानकारी का खेल नहीं, बल्कि अनुभव और मानवीय समझ का विज्ञान है। सेहत पर कोई भी प्रयोग जीवन के लिए खतरा बन सकता है। इसलिए किसी भी छोटी या बड़ी परेशानी में सही रास्ता केवल डॉक्टर का ही है, न कि डिजिटल सलाह का।
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