अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने अपने लोकप्रिय इंटरनेट ब्राउज़र गूगल क्रोम में उन्नत एआई सुविधाओं को शामिल करने की घोषणा की है। कंपनी के अनुसार इन नई सुविधाओं का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर जानकारी खोजने, समझने और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया को अधिक सरल बनाना है। यह नई तकनीक उपयोगकर्ता के ब्राउज़िंग अनुभव को अधिक सुरक्षित और उपयोगी बनाने में भी सहायक होगी।
कई भारतीय भाषाओं को मिला समर्थन
नए अपडेट की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि अब क्रोम ब्राउज़र में अनेक भारतीय भाषाओं का भी समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है। कंपनी के अनुसार इस सुविधा के अंतर्गत हिंदी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तेलुगु और तमिल जैसी प्रमुख भाषाओं को शामिल किया गया है। इससे भारत के विभिन्न राज्यों के लोग अपनी मातृभाषा में इंटरनेट सामग्री पढ़ने और समझने में अधिक सहजता महसूस करेंगे।
जेमिनी एआई मॉडल पर आधारित नई सुविधाए
गूगल द्वारा जो नई एआई सुविधाएं जोड़ी गई हैं, वे कंपनी के उन्नत जेमिनी एआई मॉडल पर आधारित हैं। यह तकनीक उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट पर जानकारी खोजने और उसे समझने में सहायता प्रदान करती है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता को अलग-अलग टैब खोलने की आवश्यकता कम हो जाएगी और आवश्यक जानकारी सीधे उसी पृष्ठ पर प्राप्त हो सकेगी।
ब्राउज़र में मिलेगा व्यक्तिगत सहायक
नई सुविधा के तहत उपयोगकर्ता अपने ब्राउज़र के भीतर ही एक प्रकार के व्यक्तिगत सहायक से संवाद कर सकेंगे। ब्राउज़र के ऊपरी हिस्से में दिए गए एक विशेष चिन्ह पर क्लिक करके उपयोगकर्ता एआई सहायक के साथ बातचीत शुरू कर सकते हैं। यह सहायक उपयोगकर्ता के प्रश्नों का उत्तर देने के साथ-साथ विभिन्न कार्यों को पूरा करने में भी मदद करेगा।
जीमेल के साथ भी होगा समन्वय
इस अपडेट की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि एआई सुविधा का उपयोग जीमेल के साथ भी किया जा सकेगा। इसका अर्थ यह है कि उपयोगकर्ता जिस वेब पृष्ठ पर कार्य कर रहे होंगे, उसे छोड़े बिना ही ईमेल लिख और भेज सकेंगे। इसके लिए ब्राउज़र के साइड पैनल को खोलकर एआई से ईमेल तैयार करने के लिए कहा जा सकता है। एआई द्वारा तैयार किए गए प्रारूप में आवश्यक बदलाव करके उपयोगकर्ता उसे तुरंत भेज सकते हैं।
डेस्कटॉप और आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी सुविधा
कंपनी के अनुसार इन नई सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराया जाएगा। प्रारंभिक चरण में यह सुविधाएं डेस्कटॉप और आईओएस प्लेटफॉर्म पर प्रदान की जाएंगी। भविष्य में इनका विस्तार अन्य प्लेटफॉर्म तक भी किया जा सकता है, जिससे अधिक से अधिक उपयोगकर्ता इस तकनीक का लाभ उठा सकें।
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