नई दिल्ली - आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अरबों डॉलर खर्च करने वाली Microsoft अब अपने ही कर्मचारियों के AI इस्तेमाल को लेकर नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। कंपनी ने बढ़ती AI इंफरेंस लागत को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग विभागों के लिए निश्चित AI टोकन बजट तय करने का फैसला किया है। इसके बाद कर्मचारी AI टूल्स का इस्तेमाल जरूरत और उपलब्ध बजट के हिसाब से ही कर सकेंगे।
हर विभाग को मिलेगा अलग Token Pool
नई व्यवस्था के तहत माइक्रोसॉफ्ट के अलग-अलग विभागों को एक निश्चित AI Token Pool दिया जाएगा। कर्मचारी इसी आवंटित सीमा के भीतर AI सेवाओं का इस्तेमाल कर पाएंगे। यानी अब AI टूल्स का उपयोग पूरी तरह असीमित नहीं रहेगा और विभागों को अपने उपलब्ध संसाधनों के अनुसार प्राथमिकताएं तय करनीहोंगी।
GitHub Copilot के इस्तेमाल पर भी असर
इस बदलाव का असर कंपनी के लोकप्रिय AI टूल्स पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर GitHub Copilot जैसे टूल्स का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों को अपने AI उपयोग को लेकर अधिक सावधानी बरतनी होगी। ज्यादा टोकन खर्च करने वाले कार्यों के बजाय कर्मचारियों को उन कामों में AI का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जहां इसका वास्तविक उत्पादकता लाभ अधिक हो।
कर्मचारियों से सोच-समझकर AI इस्तेमाल करने की अपील
कंपनी के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट जे पारीख ने कर्मचारियों को AI संसाधनों का विवेकपूर्ण इस्तेमाल करने की सलाह दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उपलब्ध टोकन का इस्तेमाल ऐसे कार्यों में किया जाए, जहां उससे अधिकतम प्रभाव हासिल हो सके। इसका सीधा मतलब है कि कर्मचारियों को AI के हर इस्तेमाल की उपयोगिता पर विचार करना होगा और गैर-जरूरी या कम प्रभाव वाले कार्यों में टोकन खर्च करने से बचना होगा।
AI की बढ़ती लागत बनी बड़ी चुनौती
AI सेवाओं को चलाने में केवल मॉडल तैयार करने का खर्च ही नहीं आता, बल्कि हर बार जब कोई यूजर AI मॉडल से जवाब प्राप्त करता है, तब कंप्यूटिंग संसाधनों की जरूरत पड़ती है। इसे इंफरेंस कॉस्ट कहा जाता है। जैसे-जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल बढ़ रहा है, कंपनियों के लिए यह लागत भी तेजी से बढ़ रही है।
बड़ी टेक कंपनियों के लिए नया दौर
माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम इस बात का संकेत माना जा रहा है कि AI को बड़े पैमाने पर अपनाने के साथ उसकी लागत को नियंत्रित करना भी टेक कंपनियों के लिए अहम चुनौती बन चुका है। AI में भारी निवेश करने वाली कंपनियां अब केवल नई सुविधाएं विकसित करने पर ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर भी ध्यान दे रही हैं कि AI संसाधनों का इस्तेमाल आर्थिक रूप से कितना प्रभावी है।
इस नई नीति से कर्मचारियों को AI का अधिक रणनीतिक तरीके से इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहन मिल सकता है, वहीं कंपनी को बढ़ते AI खर्च पर नियंत्रण रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।