नई दिल्ली - डिजिटल भुगतान करने वाले करोड़ों यूजर्स के बीच इन दिनों यह सवाल चर्चा में है कि क्या अब UPI से पेमेंट करने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा? लोकसभा में हाल ही में पारित एक संशोधन बिल के बाद इसको लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, फिलहाल UPI पेमेंट पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है।
अभी पहले की तरह मुफ्त रहेगा UPI भुगतान
मौजूदा व्यवस्था के तहत आम लोग UPI के जरिए लेनदेन पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के कर सकते हैं। सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है, जिसमें आम यूजर्स से UPI भुगतान पर फीस वसूलने की बात कही गई हो। इसलिए सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन दावों पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है, जिनमें तुरंत UPI चार्ज लागू होने की बात कही जा रही है।
संशोधन से क्या बदलेगा?
दरअसल, नए संशोधन के जरिए सरकार को भविष्य में डिजिटल पेमेंट सिस्टम पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू करने का कानूनी विकल्प मिल सकता है। MDR वह शुल्क होता है, जो डिजिटल भुगतान लेनदेन को प्रोसेस करने के लिए व्यापारियों या संबंधित संस्थानों से लिया जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि अभी से UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगना शुरू हो गया है। इसके लिए सरकार को अलग से नियम या अधिसूचना जारी करनी होगी।
छोटे लेनदेन पर असर नहीं पड़ने की संभावना
UPI भारत में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारिक लेनदेन तक के लिए सबसे लोकप्रिय डिजिटल भुगतान माध्यम बन चुका है। रोजमर्रा की खरीदारी, जैसे किराना, सब्जी, दूध, ऑटो या अन्य छोटे भुगतान में इसका बड़े स्तर पर इस्तेमाल होता है। अगर भविष्य में MDR लागू करने का फैसला लिया जाता है, तो उसका स्वरूप और किन लेनदेन पर असर होगा, यह सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
यूजर्स को आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल भुगतान से जुड़े किसी भी बदलाव को लेकर केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए। बिना पुष्टि वाली खबरों और सोशलमीडिया पोस्ट के आधार पर भ्रमित होने से बचना जरूरी है। फिलहाल UPI उपयोगकर्ता पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के डिजिटल भुगतान कर सकते हैं। भविष्य में यदि सरकार कोई नया नियम लागू करती है, तो उसकी जानकारी आधिकारिक माध्यमों से जारी की जाएगी।