साल 2022 में जब पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी ने अभिनेत्री सुष्मिता सेन के साथ अपने रिश्ते का सार्वजनिक ऐलान किया था, तब यह खबर मनोरंजन जगत की सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल हो गई थी। छुट्टियों की तस्वीरें साझा करते हुए उन्होंने अपने रिश्ते को दुनिया के सामने रखा था। सोशल मीडिया पर दोनों की तस्वीरें तेजी से वायरल हुईं और प्रशंसकों के बीच इस रिश्ते को लेकर खूब चर्चा हुई।
आखिर क्यों अलग हुए दोनों?
हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत में ललित मोदी ने अपने और सुष्मिता सेन के रिश्ते को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सुष्मिता उनके जीवन का बेहद खास हिस्सा थीं और उन्होंने उनके व्यक्तित्व को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, दोनों के अलग होने की सबसे बड़ी वजह भौगोलिक दूरी बनी। ललित मोदी के अनुसार, सुष्मिता का पूरा करियर और जीवन भारत में था, जबकि उनका अधिकांश समय लंदन में बीतता था। यही लंबी दूरी रिश्ते के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हुई।
आज भी बरकरार है सम्मान और दोस्ती
ललित मोदी ने स्पष्ट किया कि रिश्ता खत्म होने के बावजूद उनके मन में सुष्मिता सेन के लिए गहरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि सुष्मिता आज भी उनकी अच्छी मित्र हैं और वे उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हैं। खास तौर पर एक सिंगल मदर के रूप में उन्होंने जिस तरह अपनी दोनों बेटियों का पालन-पोषण किया है, वह उनके लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने सुष्मिता के माता-पिता की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका योगदान भी उल्लेखनीय रहा है।
सोशल मीडिया पर प्यार का खुला इजहार
जब दोनों के रिश्ते की घोषणा हुई थी, तब ललित मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल और बायो में भी सुष्मिता सेन का उल्लेख किया था। इससे यह साफ था कि वह इस रिश्ते को लेकर बेहद गंभीर थे। हालांकि, समय के साथ दोनों की सार्वजनिक मौजूदगी कम होती गई और फिर अलगाव की खबरें सामने आने लगीं। उस समय दोनों में से किसी ने भी खुलकर इसकी वजह नहीं बताई थी।
यादों में आज भी खास है यह रिश्ता
ललित मोदी ने बातचीत में कहा कि उनके पास सुष्मिता सेन से जुड़ी कई खूबसूरत यादें हैं और वे उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। उनके बयान से यह साफ होता है कि रिश्ता भले ही आगे न बढ़ सका, लेकिन दोनों के बीच कटुता नहीं है। कई बार व्यक्तिगत और पेशेवर जिम्मेदारियां रिश्तों के सामने ऐसी परिस्थितियां खड़ी कर देती हैं, जिन्हें पार कर पाना आसान नहीं होता। सुष्मिता और ललित मोदी की कहानी भी कुछ ऐसी ही रही।