नई दिल्ली. पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र में लंबे समय से प्रभावित हवाई सेवाओं में अब सुधार देखने को मिल रहा है। कुवैत और इजरायल ने अपने एयरस्पेस को फिर से खोल दिया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन को नई गति मिली है। विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव (खाड़ी) असीम आर महाजन ने बताया कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और भारत के लिए उड़ानों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है।
भारत के लिए सीमित उड़ानें फिर होंगी शुरू
कुवैत से भारत के लिए जजीरा एयरवेज और कुवैत एयरवेज द्वारा सीमित उड़ानों को जल्द ही पुनः शुरू किए जाने की घोषणा की गई है। यह निर्णय उन हजारों भारतीयों के लिए राहत लेकर आएगा, जो इस क्षेत्र में कामकाज या अन्य कारणों से फंसे हुए थे। इससे यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने में मदद मिलेगी और लंबित यात्रा योजनाओं को गति मिलेगी।
लाखों यात्रियों की हो चुकी है वापसी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार 28 फरवरी से अब तक इस क्षेत्र से 12.38 लाख से अधिक यात्री भारत लौट चुके हैं। यह संख्या दर्शाती है कि संकट के बावजूद भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। अतिरिक्त उड़ानों के संचालन से इस प्रक्रिया को और तेज किया गया है।
ईरान में स्थिति अभी भी संवेदनशील
हालांकि कुछ देशों में स्थिति सुधर रही है, लेकिन ईरान और उसके आसपास का क्षेत्र अब भी तनावपूर्ण बना हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि युद्धविराम के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। ऐसे में वहां यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
आंशिक रूप से खुला ईरानी हवाई क्षेत्र
ईरान ने अपने एयरस्पेस को कार्गो और चार्टर्ड उड़ानों के लिए आंशिक रूप से खोला है, लेकिन नियमित यात्री उड़ानों पर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। इसके कारण अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवाओं पर प्रभाव पड़ रहा है और यात्रियों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
भारतीय नागरिकों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी
ईरान में भारतीय दूतावास ने क्षेत्रीय तनाव और परिचालन अनिश्चितताओं को देखते हुए भारतीय नागरिकों को वहां यात्रा न करने की सख्त सलाह दी है। दूतावास ने कहा है कि हवाई या सड़क मार्ग से ईरान की यात्रा जोखिमपूर्ण हो सकती है। जो भारतीय पहले से वहां मौजूद हैं, उन्हें दूतावास के समन्वय से सुरक्षित स्थानों पर जाने या देश छोड़ने की सलाह दी गई है।
फंसे भारतीयों की सुरक्षित निकासी जारी
अब तक भारतीय दूतावास ने 2,432 भारतीय नागरिकों को ईरान से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है, जिनमें बड़ी संख्या में छात्र और मछुआरे शामिल हैं। इसके अलावा, ईरान में एक जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों के सुरक्षित होने की भी पुष्टि हुई है। यह दर्शाता है कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है।
क्षेत्रीय स्थिरता की ओर बढ़ते कदम
कुल मिलाकर पश्चिम एशिया में धीरे-धीरे स्थिरता लौटती नजर आ रही है, लेकिन पूरी तरह सामान्य स्थिति बनने में अभी समय लग सकता है। ऐसे में सतर्कता और सावधानी बरतना आवश्यक है, ताकि किसी भी अप्रत्याशित स्थिति से बचा जा सके।