विश्व इमोजी दिवस हर वर्ष 17 जुलाई को मनाया जाता है। इसकी शुरुआत वर्ष 2014 में इमोजीपीडिया के संस्थापक जेरेमी बर्ज ने की थी। 17 जुलाई की तारीख इसलिए चुनी गई क्योंकि अधिकांश डिजिटल कैलेंडर इमोजी में यही तारीख दिखाई देती थी। इसके बाद यह दिन दुनिया भर में इमोजी संस्कृति का उत्सव बन गया। आज बड़ी तकनीकी कंपनियां इस अवसर पर नए इमोजी जारी करती हैं और सोशल मीडिया पर विशेष अभियान भी चलाए जाते हैं।
क्या है इमोजी का इतिहास?
इमोजी की शुरुआत वर्ष 1999 में जापान के डिजाइनर शिगेताका कुरिता ने की थी। उन्होंने मोबाइल इंटरनेट सेवा के लिए 176 छोटे-छोटे चित्र तैयार किए थे, जिनका उद्देश्य सीमित शब्दों में भावनाओं और विचारों को व्यक्त करना था। समय के साथ इन चित्रों ने पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल की और आज हजारों इमोजी विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों के लोगों के बीच संवाद का हिस्सा बन चुके हैं।
इमोजी और इमोटिकॉन में क्या अंतर है?
अक्सर लोग इमोजी और इमोटिकॉन को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों अलग हैं। इमोटिकॉन सामान्य कीबोर्ड के अक्षरों और चिन्हों से बनाए जाते हैं, जैसे :-) या :-(। दूसरी ओर इमोजी रंगीन ग्राफिकल चित्र होते हैं, जिनमें मुस्कुराते चेहरे, जानवर, भोजन, झंडे, मौसम, खेल, यात्रा और दैनिक जीवन से जुड़े हजारों प्रतीक शामिल हैं। इमोजी अधिक आकर्षक और आसानी से समझ आने वाले होते हैं।
दुनिया के सबसे लोकप्रिय इमोजी कौन-से हैं?
हर साल अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इमोजी के उपयोग का विश्लेषण किया जाता है। इनमें सबसे अधिक इस्तेमाल होने वाले इमोजी में 'खुशी के आंसुओं वाली हंसी', 'लाल दिल', 'जोर से हंसता चेहरा', 'रोता चेहरा', 'थम्ब्स अप' और 'फायर' शामिल हैं। सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप और ईमेल में इनका उपयोग सबसे अधिक होता है। कई बार केवल एक इमोजी ही पूरे संदेश का अर्थ स्पष्ट कर देता है।
डिजिटल युग की नई भाषा बन चुके हैं इमोजी
आज इमोजी केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि डिजिटल संचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। व्यक्तिगत बातचीत से लेकर कॉरपोरेट ईमेल, सोशल मीडिया मार्केटिंग, शिक्षा और ऑनलाइन अभियानों तक इनका प्रभाव देखा जा सकता है। शोध बताते हैं कि इमोजी वाले संदेश अधिक आकर्षक लगते हैं और लोगों की भावनात्मक प्रतिक्रिया भी बेहतर होती है। यही कारण है कि लगभग हर स्मार्टफोन और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लगातार नए इमोजी जोड़ते रहते हैं।
विश्व इमोजी दिवस से जुड़े दिलचस्प तथ्य
दुनिया में आज तीन हजार से अधिक मानकीकृत इमोजी उपलब्ध हैं और हर वर्ष नए इमोजी जोड़े जाते हैं। नए इमोजी को अंतिम मंजूरी यूनिकोड कंसोर्टियम देता है, जो वैश्विक डिजिटल मानकों का निर्धारण करता है। अलग-अलग कंपनियां एक ही इमोजी का डिजाइन अलग तरीके से बनाती हैं, इसलिए एक ही इमोजी विभिन्न उपकरणों पर थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है। कई फिल्मों, विज्ञापनों और अभियानों में भी इमोजी को प्रमुख स्थान मिला है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।
शब्दों से आगे बढ़कर भावनाओं की पहचान
विश्व इमोजी दिवस केवल रंग-बिरंगे चित्रों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह डिजिटल संचार के बदलते स्वरूप का प्रतीक भी है। इमोजी ने भाषा की सीमाओं को काफी हद तक कम किया है और दुनिया भर के लोगों को भावनाओं के स्तर पर जोड़ने का एक सरल माध्यम प्रदान किया है। आने वाले समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संवर्धित वास्तविकता और नई डिजिटल तकनीकों के साथ इमोजी की भूमिका और भी व्यापक होने की संभावना है।