लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ब्राह्मण वोटों को साधने की कवायद के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में योगी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बिना नाम लिए विकास दुबे एनकाउंटर का जिक्र करते हुए कहा कि "याद होगा जब गाड़ी पलटी थी, वह गाड़ी नहीं पलटी थी, बल्कि सरकार पलटने से बच गई थी।" उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। अखिलेश यादव ने दावा किया कि समय आने पर "सैटेलाइट इमेज" सामने आएगी, जिससे पता चलेगा कि गाड़ी कैसे पलटाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया गया, अब ब्राह्मण समाज को भी निशाना बनाया जा रहा है।
ब्राह्मण समाज को लेकर सरकार पर साधा निशाना
ब्राह्मण मंच के कार्यक्रम में सपा प्रमुख ने कहा कि प्रदेश में ब्राह्मण समाज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "अब पी के पीछे पड़ गए हैं, गोरखपुर में हाता नहीं, भाता है।" उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन पर भी उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर हमला बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की स्थिति ऐसी हो गई है कि अब उसे खुद इलाज की जरूरत है। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा कि "एक डीसीएम हैं, उनकी कोई गार्ड नहीं सुनता।"
सामाजिक व्यवस्था पर भी की टिप्पणी
सपा अध्यक्ष ने सामाजिक असमानता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि "हम कितनी भी डिग्री हासिल कर लें, शंकराचार्य नहीं बन सकते।" उन्होंने इसे सामाजिक व्यवस्था से जुड़ा गंभीर सवाल बताते हुए बदलाव की आवश्यकता पर जोर दिया।