लखनऊ - सीएम योगी ने प्रदेश में बिजली कटौती की लगातार मिल रही शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में कम से कम 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। सीएम योगी ने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ रविवार सुबह 10 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक करने वाले हैं। बैठक में बिजली व्यवस्था की मौजूदा स्थिति और सुधार के उपायों पर चर्चा होगी।
अधिकारियों पर कार्रवाई, 2 इंजीनियर सस्पेंड
बिजली विभाग में लापरवाही पर सरकार ने सख्त कार्रवाई भी की है। उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन के दो अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। सस्पेंड किए गए अधिकारियों में गाजियाबाद के अधिशासी अभियंता (पारेषण) राहुल और मेरठ के अधिशासी अभियंता (पारेषण) योगेश कुमार शामिल हैं। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर उन्हें अन्य स्थानों से अटैच भी किया गया है।
यूपीपीसीएल की समीक्षा बैठक
सीएम योगी के निर्देशों के बाद यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने भी समीक्षा बैठक की और बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि गर्मी के मौसम में किसी भी स्तर पर बिजली सप्लाई बाधित न हो और शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए।
जनता को राहत देने की कोशिश
यूपी सरकार का लक्ष्य है कि भीषण गर्मी के दौरान बिजली व्यवस्था को सुचारू रखा जाए ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को परेशानी न हो। प्रशासन का कहना है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।