गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में भूमि विवादों को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जमीन संबंधी मामलों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि शिकायतों की गंभीरता के अनुसार दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन सहित कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में शिथिलता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी।
जमीन विवादों पर सख्त हुए मुख्यमंत्री
जनता दर्शन के दौरान कई लोगों ने भूमि विवाद और राजस्व कर्मियों की लापरवाही से जुड़ी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जमीन से जुड़े मामलों में निष्पक्ष और समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आम लोगों को न्याय मिल सके। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में देरी या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
करीब 150 लोगों की सुनी समस्याएं
गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने करीब 150 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्रों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को भेजते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक मामले का समाधान निष्पक्ष, पारदर्शी और संतोषजनक तरीके से किया जाए। मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है।
आयुष्मान कार्ड और इलाज को लेकर दिए निर्देश
जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता मांगने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र व्यक्तियों का तत्काल आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि यदि आयुष्मान योजना के बावजूद अतिरिक्त सहायता की जरूरत पड़े तो राज्य सरकार विवेकाधीन कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने सभी जरूरतमंदों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
महिला की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई का आदेश
कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने कुछ लोगों द्वारा उसे मकान से बेदखल किए जाने की शिकायत की। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल हस्तक्षेप करने और महिला को उसके मकान पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी कमजोर या पीड़ित व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए और प्रशासन को ऐसे मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
गोशाला पहुंचे, बच्चों को बांटी चॉकलेट
जनता दर्शन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और गोशाला पहुंचकर गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और रोटी खिलाई। मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान उन्होंने वहां मौजूद बच्चों से मुलाकात की, उन्हें चॉकलेट दी और पढ़ाई के बारे में बातचीत की। मुख्यमंत्री ने बच्चों को मेहनत से पढ़ाई करने और जीवन में आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।