लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित उत्तरप्रदेश कैबिनेट बैठक में मंगलवार को 25 प्रस्तावों पर विचार किया गया, जिनमें से 24 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। केवल परिवहन विभाग से संबंधित एक प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो सका। बैठक में शहरी परिवहन, किसानों, न्यायिक व्यवस्था और जेल प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
1725 नई इलेक्ट्रिक बसों को मिली मंजूरी
प्रदेश के 17 नगर निगमों और नोएडा क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन को मजबूत बनाने के लिए 1725 नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। इनमें 725 बसें 9 मीटर लंबी और 1000 बसें 12 मीटर लंबी होंगी। वर्तमान में प्रदेश में 733 ई-बसों का संचालन हो रहा है।
नई बसों के शुरू होने से शहरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। साथ ही जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को भी सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।
इस परियोजना के लिए विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) और कंपनियों का गठन किया गया है। योजना पर कुल 1852 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें 653 करोड़ रुपये का वित्तीय भार राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष निवेश निजी ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। किराए और बोली राशि के अंतर की भरपाई सरकार करेगी तथा आवश्यक बुनियादी ढांचा भी उपलब्ध कराया जाएगा।
विधि अधिकारियों के मानदेय में बढ़ोतरी
कैबिनेट ने राज्य के विधि अधिकारियों की फीस और मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। जिला शासकीय अधिवक्ताओं का मासिक मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 14 हजार रुपये कर दिया गया है। वहीं प्रति सुनवाई फीस 1650 रुपये से बढ़ाकर 2500 रुपये कर दी गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ताओं का मानदेय भी 7900 रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है। सरकार के इस निर्णय से बड़ी संख्या में विधि अधिकारियों को लाभ मिलेगा।
किसानों को MSP पर मिलेगी मक्का खरीद की सुविधा
राज्य सरकार ने मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2400 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके साथ ही 15 जून से 31 जुलाई 2026 तक सरकारी खरीद की अवधि तय की गई है।
सरकार ने निर्देश दिए हैं कि प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों में खरीद केंद्रों की पर्याप्त व्यवस्था की जाए, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके और उन्हें बाजार में कम कीमत पर फसल बेचने की मजबूरी न हो।
पांच जिलों में बनेंगी नई आधुनिक जेलें
प्रदेश की जेल और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पांच जिलों में नई जेलों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। ये नई जेलें भदोही, मुरादाबाद, औरैया, ललितपुर और कानपुर नगर में बनाई जाएंगी।
सरकार का कहना है कि नई जेलों के निर्माण से मौजूदा जेलों पर दबाव कम होगा और बंदियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।
बंदियों की मृत्यु पर नई मुआवजा नीति
कैबिनेट बैठक में ‘जेल बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति’ को भी मंजूरी दी गई। नई नीति के तहत जेल में बंद किसी व्यक्ति की मृत्यु होने की स्थिति में मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इस नीति से बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और परिजनों को समयबद्ध सहायता मिल सकेगी।
कई क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
कैबिनेट के इन फैसलों से शहरी परिवहन व्यवस्था, किसानों, विधि अधिकारियों और जेल प्रशासन को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।