केंद्र सरकार ने देश के इंफ्रास्ट्रक्चर और विमानन क्षेत्र को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में कुल 39,290 करोड़ रुपये की छह अहम परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य सड़क नेटवर्क को मजबूत करना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना, विमानन क्षेत्र को ईंधन की बढ़ती कीमतों से राहत देना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है।
एविएशन सेक्टर को राहत, बनेगा 10,000 करोड़ का विशेष फंड
वैश्विक बाजार में विमानन टर्बाइन ईंधन (ATF) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये के एटीएफ प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य घरेलू एयरलाइंस की परिचालन लागत को नियंत्रित रखना और यात्रियों को महंगे हवाई किराए से बचाना है। सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए एटीएफ की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर तय की है। इस कदम से विमानन उद्योग में रोजगार और कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए 5,041 करोड़ की योजना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए कैबिनेट ने पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना को मंजूरी दी है। इसके लिए 5,041 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार लाना है।
चार राज्यों में सड़क नेटवर्क को मिलेगी नई रफ्तार
सरकार ने कुल पैकेज में से 24,249 करोड़ रुपये राष्ट्रीय राजमार्ग और सड़क परियोजनाओं के लिए आवंटित किए हैं।
ओडिशा में बनेगा कोस्टल हाईवे
पूर्वी तट की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए रामेश्वर, कोणार्क और पारादीप को जोड़ने वाले कोस्टल हाईवे परियोजना को 8,301 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
तेलंगाना में फोर-लेनिंग परियोजना
एनएच-63 और एनएच-563 के विभिन्न हिस्सों को चार लेन में विकसित करने के लिए 7,597 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे औद्योगिक और माल परिवहन को गति मिलेगी।
मध्य प्रदेश में राजमार्ग अपग्रेडेशन
मध्य भारत के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एनएच-347B के उन्नयन हेतु 4,415 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
बिहार में सड़क विस्तार
खगड़िया से पूर्णिया तक एनएच-31 और एनएच-231 के हिस्सों को चार लेन में बदलने के लिए 3,936 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और विभिन्न राज्यों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही घरेलू आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।