घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को कमजोरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 700 अंक टूटकर 73,900 के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी 200 अंकों से ज्यादा गिरकर 23,300 के स्तर के नीचे पहुंच गया। बाजार में सबसे ज्यादा दबाव आईटी सेक्टर के शेयरों पर रहा, जहां कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज बिकवाली दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 840 अंकों से अधिक टूटकर 73,808.97 तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी 221 अंक गिरकर 23,262.55 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया। बाजार में निवेशकों की धारणा कमजोर रही और अधिकांश सेक्टर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
बुधवार को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। कई प्रमुख आईटी कंपनियों के शेयरों में 4 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।
एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में कारोबार मिश्रित रहा। जापान का निक्केई सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट में रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी हल्की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया।
| इंडेक्स | स्तर | पॉइंट बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| कोस्पी (दक्षिण कोरिया) | 8,801 | +13 | +0.15% |
| निक्केई (जापान) | 68,452 | +1,718 | +2.57% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) | 25,604 | -434 | -1.56% |
| इंडेक्स | स्तर | पॉइंट बदलाव | प्रतिशत बदलाव |
|---|---|---|---|
| डाउ जोन्स | 51,308 | +229 | +0.45% |
| नैस्डैक | 27,094 | +7 | +0.03% |
| S&P 500 | 7,610 | +10 | +0.13% |
| कैटेगरी | ताजा आंकड़ा | पिछले 7 दिन | पिछले 30 दिन |
|---|---|---|---|
| DII (घरेलू संस्थागत निवेशक) | 9,589 | 31,463 | 92,603 |
| FII/FPI (विदेशी निवेशक) | -8,363 | -33,381 | -71,074 |
अमेरिकी बाजारों में रही तेजी
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए। डाउ जोंस, नैस्डैक और एसएंडपी 500 इंडेक्स में हल्की बढ़त दर्ज की गई थी।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII/FPI) ने पिछले कारोबारी सत्र में 8,363 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 9,589 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को कुछ सहारा दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण घरेलू शेयर बाजार पर दबाव बना हुआ है।