नई दिल्ली। विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने देश के युवाओं से साइकिल को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइकिल केवल एक व्यायाम का साधन नहीं, बल्कि स्वस्थ, सक्रिय और पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली की पहचान है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने वीडियो संदेश में मांडविया ने कहा कि युवा शक्ति यदि साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या में शामिल करती है, तो इससे न केवल उनका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि देश को भी कई स्तरों पर लाभ मिलेगा।
फिटनेस के साथ पर्यावरण संरक्षण का भी माध्यम
मांडविया ने कहा कि साइकिलिंग शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूत करती है। उन्होंने इसे पर्यावरण संरक्षण का सबसे सस्ता, सुंदर और टिकाऊ माध्यम बताते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग साइकिल का उपयोग करेंगे तो प्रदूषण कम होगा और पेट्रोल-डीजल की खपत में भी कमी आएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोच का भी उल्लेख किया, जिसमें ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक साधनों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान को मिल रहा व्यापक समर्थन
केंद्रीय मंत्री ने ‘फिट इंडिया’ अभियान के तहत चल रहे ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि देशभर के लाखों युवा इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान अब एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है और युवाओं का उत्साह इसे लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रहा है। मांडविया ने अभियान से जुड़े सभी युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके सहयोग और ऊर्जा ने इस पहल को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
युवाओं से किया विशेष आह्वान
उन्होंने जानकारी दी कि आने वाला रविवार विश्व साइकिल दिवस को समर्पित ‘संडे ऑन साइकिल’ कार्यक्रम के रूप में मनाया जाएगा। मंत्री ने युवाओं से फिट इंडिया ऐप पर पंजीकरण करने और अपने मित्रों व परिवार के सदस्यों को भी इस अभियान से जोड़ने की अपील की।
फिट और विकसित भारत के निर्माण का संकल्प
अपने संदेश के अंत में मांडविया ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे साइकिल को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएंगे और एक फिट, स्वस्थ तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं।