नई दिल्ली। ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बाद केंद्र सरकार ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) में बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। मंगलवार को सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का तबादला कर दिया है। उनकी जगह लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
यह फैसला छात्रों और अभिभावकों की बढ़ती नाराजगी तथा विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों के बीच लिया गया है। हाल ही में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं, जिससे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए थे।
OSM विवाद के बाद बढ़ी चिंता
कक्षा 12 के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया था कि उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उनकी वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खातीं। इसके बाद OSM प्रणाली की पारदर्शिता और तकनीकी विश्वसनीयता को लेकर गंभीर सवाल उठे। छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया में देरी, तकनीकी खामियों और सत्यापन प्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई।
री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर अटैक
सीबीएसई ने बताया कि री-इवैल्यूएशन पोर्टल शुरू होते ही उस पर साइबर हमला हुआ। कुछ शरारती तत्वों ने डिनायल ऑफ सर्विस (DoS) अटैक के जरिए वेबसाइट को बाधित करने की कोशिश की। महज 2 मिनट में 15 लाख से अधिक हिट्स दर्ज किए गए और एक लाख से अधिक बार सिस्टम फाइल्स तक अवैध पहुंच का प्रयास किया गया।इसके बावजूद पोर्टल कार्यशील रहा और छात्रों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी।
छात्रों के लिए नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू
सीबीएसई ने 2 जून 2026 से एक नया ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जहां छात्र अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह सुविधा केवल उन्हीं छात्रों के लिए उपलब्ध है, जिन्हें अपनी स्कैन कॉपी प्राप्त हो चुकी है।
यदि किसी छात्र को मूल्यांकन में कोई गड़बड़ी लगती है या वह अपने अंकों से असंतुष्ट है, तो वह इस पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों की समस्याओं का समाधान करना बताया गया है।