भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों को लेकर केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने अप्रवास और विदेशियों से संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। नई व्यवस्था के तहत भारत में 180 दिनों तक के वीजा पर आने वाले विदेशी नागरिकों को यदि अपना प्रवास बढ़ाना है, तो वीजा अवधि समाप्त होने से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। यह संशोधन 1 जून को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से लागू किया गया है और नए नियम तत्काल प्रभाव से प्रभावी हो गए हैं।
180 दिन पूरे होने से पहले कराना होगा रजिस्ट्रेशन
‘आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम-2026’ के तहत विदेशी नागरिकों के पंजीकरण संबंधी प्रावधानों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब विदेशी नागरिक भारत में आगमन के बाद 180 दिन पूरे होने से पहले किसी भी समय अपना पंजीकरण करा सकते हैं। पहले व्यवस्था यह थी कि 180 दिन की अवधि समाप्त होने के बाद 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य होता था। अब सरकार ने इस प्रक्रिया को पहले ही पूरा करने का प्रावधान लागू कर दिया है।
देर से पंजीकरण केवल आपात स्थिति में
नए नियमों के अनुसार निर्धारित समय सीमा के बाद पंजीकरण की अनुमति केवल विशेष और आपातकालीन परिस्थितियों में ही दी जाएगी। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विलंबित पंजीकरण को सामान्य प्रक्रिया नहीं माना जाएगा और इसके लिए असाधारण कारणों का होना आवश्यक होगा। इससे विदेशी नागरिकों की निगरानी और दस्तावेजी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
भारतीय माता-पिता वाले बच्चों को मिली राहत
संशोधित नियमों में भारतीय और विदेशी नागरिकता से जुड़े बच्चों के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। यदि किसी बच्चे के माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक है और परिवार ‘नागरिकता अधिनियम-1955’ की धारा 3 के तहत बच्चे की भारतीय नागरिकता बनाए रखना चाहता है, तो ऐसे मामलों में पंजीकरण की अनिवार्यता लागू नहीं होगी। सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य दोहरी नागरिकता संबंधी जटिलताओं को कम करना और परिवारों को राहत देना है।
विदेशी नागरिकता मिलने पर देनी होगी सूचना
नए नियमों के तहत यदि कोई बच्चा भारत में रहते हुए बाद में किसी अन्य देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो उसके माता-पिता में से किसी एक को यह जानकारी संबंधित पंजीकरण अधिकारी को देनी होगी। विदेशी नागरिकता प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य किया गया है। ऐसा नहीं करने पर नियमों के उल्लंघन की स्थिति बन सकती है।
रिपोर्टिंग नियम में भी किया गया संशोधन
गृह मंत्रालय ने नियम 18 के तहत रिपोर्टिंग समय-सीमा से जुड़े एक प्रावधान में तकनीकी सुधार भी किया है। पहले जहां भाषा को लेकर भ्रम की स्थिति बन रही थी, वहीं अब स्पष्ट रूप से कहा गया है कि संबंधित रिपोर्टिंग "चौबीस घंटे से अधिक नहीं" की समय सीमा के भीतर पूरी की जानी चाहिए।
अपील प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन
नए संशोधनों के तहत अपील व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। यदि किसी मकान मालिक, संरक्षक या संबंधित व्यक्ति को नागरिक अधिकारियों के निर्देशों पर आपत्ति है, तो वह अब ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BoI) के आयुक्त के समक्ष ऑनलाइन अपील कर सकेगा। इसके लिए एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया जाएगा और आदेश मिलने के 30 दिनों के भीतर अपील दाखिल करनी होगी।
60 दिनों में निपटाने का प्रयास
संशोधित नियमों के अनुसार, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त अपीलकर्ता को सुनवाई का पूरा अवसर देंगे और उसके बाद कारणयुक्त आदेश जारी करेंगे। सरकार ने यह भी प्रावधान किया है कि सामान्य परिस्थितियों में अपील प्राप्त होने की तारीख से 60 दिनों के भीतर मामले का निपटारा करने का प्रयास किया जाएगा।
विदेशी नागरिकों की निगरानी और प्रक्रिया होगी मजबूत
विशेषज्ञों के अनुसार इन संशोधनों का उद्देश्य भारत में रहने वाले विदेशी नागरिकों की जानकारी को अधिक व्यवस्थित करना, पंजीकरण प्रक्रिया को समयबद्ध बनाना और आव्रजन व्यवस्था को डिजिटल एवं पारदर्शी बनाना है। सरकार का मानना है कि नए नियमों से विदेशी नागरिकों की निगरानी, दस्तावेजों के सत्यापन और कानूनी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।