कोलकाता - उत्तर प्रदेश में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस कभी राजनीतिक पार्टी नहीं रही, बल्कि वह गुंडों का एक समूह बन गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी का उद्देश्य केवल सत्ता पर काबिज होकर महिलाओं का अपमान और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देना था। शर्मा ने कहा कि बंगाल की जनता ने ऐसे राजनीतिक मॉडल को पूरी तरह खारिज कर दिया है और अब वहां लोकतंत्र स्थापित हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने का सपना देख रही हैं।
अब पार्टी में ममता अकेली रह गई हैं
भाजपा नेता आरपी सिंह ने ममता बनर्जी के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर कहा कि लोकतंत्र में किसी को भी विरोध प्रदर्शन करने से नहीं रोका जाता, लेकिन इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया होती है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन से अनुमति लेना आवश्यक होता है। आरपी सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि ममता बनर्जी दिल्ली में अकेले प्रदर्शन करने की बात कर रही हैं, क्योंकि अब उनकी पार्टी के नेता उनका साथ छोड़ चुके हैं और वे राजनीतिक रूप से अकेली पड़ गई हैं।
कानून के दायरे में रहकर ही हो विरोध प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज स्थापित हुआ है, जिसकी वजह से ममता बनर्जी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए कानूनी अनुमति लेना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति या संगठन कानून के खिलाफ जाकर कोई कदम उठाता है तो कानून अपना काम करेगा। राजभर ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं, लेकिन अधिकारों के साथ जिम्मेदारियां भी जुड़ी होती हैं।
चुनाव नतीजों के बाद TMC का जनाधार खत्म
भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी ने दावा किया कि 4 मई को आए चुनाव परिणामों के बाद तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास लोकसभा और राज्यसभा सांसदों के साथ बड़ी संख्या में विधायक होने के बावजूद जनता के बीच उसका प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है। लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि राज्य की जनता में TMC के खिलाफ भारी नाराजगी है और जिन लोगों ने भ्रष्टाचार या गलत काम किए हैं, उन्हें कानून के कटघरे में लाया जाएगा।
विरोध प्रदर्शन को लेकर बंगाल की राजनीति में बढ़ी सियासी गर्मी
ममता बनर्जी के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेताओं के लगातार हमलों से पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी माहौल गर्म हो गया है। एक तरफ TMC इसे लोकतांत्रिक अधिकार बता रही है, वहीं भाजपा नेताओं का कहना है कि कानून और प्रक्रिया का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।