नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर वैश्विक कमोडिटी बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। बुधवार को घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि कारोबारी सत्र की शुरुआत में सोने ने हल्की मजबूती दिखाई, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव के चलते कीमतें फिसल गईं।
MCX पर सोना-चांदी लाल निशान में
एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना अपने पिछले बंद भाव 1,59,346 रुपये के मुकाबले मामूली बढ़त के साथ 1,59,447 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं जुलाई वायदा चांदी 2,66,668 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार की शुरुआत करते हुए हल्की कमजोरी के साथ खुली। सुबह के कारोबार में दोनों कीमती धातुओं में दबाव बढ़ गया। खबर लिखे जाने तक अगस्त कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 390 रुपये की गिरावट के साथ 1,58,956 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया, जबकि जुलाई वायदा चांदी 1,307 रुपये टूटकर 2,65,400 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव
वैश्विक बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। स्पॉट गोल्ड करीब 0.2 प्रतिशत गिरकर 4,476.50 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। वहीं स्पॉट सिल्वर भी लगभग 0.5 प्रतिशत टूटकर 74.73 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका-ईरान तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने महंगाई और ब्याज दरों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। यही वजह है कि निवेशकों का रुख फिलहाल सतर्क बना हुआ है।
पश्चिम एशिया में बढ़ा तनाव
पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान की ओर से बहरीन, कुवैत और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई, हालांकि इन हमलों को विफल कर दिया गया। दूसरी ओर वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत भी किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। इन घटनाक्रमों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में एक प्रतिशत से अधिक का उछाल देखा गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और महंगाई को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
सोने के लिए 1.60 लाख का स्तर अहम
कमोडिटी बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि एमसीएक्स गोल्ड फिलहाल 1.59 लाख रुपये के ऊपर टिके रहने में सफल रहा है, जो सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक यदि सोना 1.60 लाख रुपये के स्तर को मजबूती से पार कर लेता है तो इसमें नई तेजी देखने को मिल सकती है और कीमतें 1.62 लाख से 1.63 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं। वहीं 1.59 लाख रुपये का स्तर तत्काल सपोर्ट माना जा रहा है। इसके नीचे फिसलने पर सोना 1.58 लाख रुपये के आसपास आ सकता है।
चांदी में भी उतार-चढ़ाव जारी
चांदी की बात करें तो 2.68 लाख रुपये प्रति किलोग्राम का स्तर महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। यदि यह स्तर टूटता है तो कीमतें 2.70 लाख रुपये तक पहुंच सकती हैं। वहीं 2.65 लाख रुपये के नीचे जाने पर चांदी में और कमजोरी देखने को मिल सकती है और भाव 2.61 लाख से 2.63 लाख रुपये के दायरे तक फिसल सकते हैं।
आगे किस पर रहेगी नजर?
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा मुख्य रूप से अमेरिका-ईरान तनाव, कच्चे तेल के भाव, महंगाई के आंकड़ों और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर निर्भर करेगी। भू-राजनीतिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग के कारण कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहने की संभावना है।