झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी में बंद मकान से बुजुर्ग दंपती के शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मसियागंज चौकी क्षेत्र के एक मोहल्ले में यह घटना सामने आई है। मृतकों की पहचान करीब 70-75 वर्षीय विश्वनाथ पाल और उनकी पत्नी के रूप में हुई है। दोनों के शव कई दिनों पुराने बताए जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ एफएसएल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। पुलिस अब मौत की वजह और घटना की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।
बंद मकान में मिले दंपती के शव, 5-6 दिन पुरानी बताई जा रही मौत
पुलिस के मुताबिक, मृतक के बेटे जगपाल की सूचना के बाद टीम घटनास्थल पर पहुंची थी। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग दंपती की मौत करीब पांच से छह दिन पहले हुई होगी। कई दिनों तक शव बंद मकान में पड़े रहने के कारण दोनों शव काफी ज्यादा सड़-गल चुके थे। शवों पर कीड़े और मैगट्स भी पाए गए हैं। अत्यधिक क्षतिग्रस्त स्थिति के कारण शरीर पर चोट के निशान फिलहाल स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दे रहे हैं। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पैनल से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की परिस्थितियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बेटे ने किराएदार पर जताया शक, घटना के बाद से गायब होने का दावा
मृतक के बेटे जगपाल ने पुलिस को दिए बयान में मकान में रहने वाले किराएदार सत्येंद्र पर शक जताया है। जगपाल के अनुसार, करीब सात-आठ दिन पहले वह अपने माता-पिता के घर आया था। उस दौरान वह, उसके माता-पिता और किराएदार सत्येंद्र साथ में मौजूद थे। तीनों ने मिलकर मीट बनाया और शराब का सेवन भी किया था। इसके बाद जगपाल अपने घर चला गया, जबकि उसके माता-पिता और किराएदार मकान में ही रह गए थे। पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सत्येंद्र का फोन आया था, लेकिन उसके बाद से उसका कोई पता नहीं है। पुलिस उसके मोबाइल फोन को ट्रेस कर उसकी लोकेशन और गतिविधियों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। बेटे की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
SOG को जांच में लगाया, SP सिटी की निगरानी में कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम को भी सक्रिय कर दिया है। एसओजी को मामले की जांच में लगाया गया है, जबकि एसपी सिटी को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उनकी निगरानी में पुलिस की अलग-अलग टीमें घटना से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि दंपती की मौत से पहले की गतिविधियों की जानकारी मिल सके। संदिग्ध किराएदार सत्येंद्र की तलाश और उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास जारी है। अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल बुजुर्ग दंपती की मौत को लेकर किसी तरह का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। शवों की स्थिति काफी खराब होने के कारण बाहरी चोटों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में बेहद अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि दोनों की मौत किस वजह से हुई और क्या किसी तरह की चोट या अन्य कारण इसमें शामिल था। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट को आपस में जोड़कर जांच आगे बढ़ाएगी। साथ ही किराएदार की भूमिका को लेकर भी पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा है कि जांच से जुड़ी सभी जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।