कानपुर - उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मिलावटी मसालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसी फैक्ट्री का पता लगाया है, जहां कथित तौर पर नकली मसाले तैयार किए जा रहे थे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर विभाग की टीम ने पनकी क्षेत्र स्थित एक मसाला निर्माण इकाई पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पनकी के इस्पात नगर स्थित पीतांबरा इंटरप्राइजेज नाम की मसाला फैक्ट्री में की गई। जांच के दौरान टीम को कई ऐसी सामग्री मिली, जिससे मसालों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं।

चावल में रंग मिलाकर बनाई जा रही थी हल्दी
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री में हल्दी तैयार करने के लिए चावल के टुकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा था। जांच में मौके पर साबुत हल्दी की मौजूदगी नहीं मिली, जबकि वहां हल्दी पाउडर बनाने का काम चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार, चावल को पीसकर उसमें पीले रंग की सामग्री मिलाई जा रही थी, जिससे हल्दी जैसा पाउडर तैयार किया जा सके। इसके अलावा फैक्ट्री परिसर से मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और अन्य संदिग्ध सामग्री भी बरामद हुई है।
लाखों रुपये का स्टॉक मिला
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में तैयार और कच्चा माल जब्त किया है। अधिकारियों के मुताबिक बरामद सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 86 हजार 200 रुपये आंकी गई है। जब्त सामग्री में 77 बैग चावल के टुकड़े शामिल हैं, जिनकी कीमत करीब 1.54 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा 42 बैग हल्दी पाउडर भी मिला, जिसकी अनुमानित कीमत 4.20 लाख रुपये है। वहीं, कार्रवाई के दौरान 30 किलोग्राम पिसा धनिया, 30 किलोग्राम मिर्च पाउडर और 20 किलोग्रामहल्दी मिलाने वाली सामग्री भी बरामद की गई।
मसालों के नमूने जांच के लिए भेजे गए
विभाग की टीम ने फैक्ट्री से छह अलग-अलग नमूने एकत्र किए हैं, जिन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मसालों में किस स्तर तक मिलावट की गई थी। यदि जांच में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित फर्म के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
मिलावट के नेटवर्क पर विभाग की नजर
खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि लोगों की सेहत से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में फैक्ट्री में इस्तेमाल किए जा रहे कच्चे माल और रंगों की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी। जांच के परिणामों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्ती
मसालों में मिलावट सीधे लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि नकली या घटिया खाद्य सामग्री तैयार करने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।