लखनऊ- मेरठ के चर्चित ललिता गौतम हत्याकांड के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने बड़ा बयान देते हुए लोगों से कानून व्यवस्था पर भरोसा रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी घटना के बाद कानून को अपने हाथ में लेने, हिंसा करने या सड़क पर उतरकर विरोध करने से न्याय नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से संवैधानिक और कानूनी रास्ता अपनाने का आग्रह किया।
'बाबा साहब ने संविधान के जरिए न्याय का रास्ता दिखाया'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि करोड़ों दलितों के प्रेरणास्रोत डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमेशा संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने न्याय पाने का रास्ता संविधान और कानून के माध्यम से बताया था, इसलिए किसी भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष भी कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांशीराम ने बहुजन समाज पार्टी की स्थापना इसी उद्देश्य से की थी कि दलितों, वंचितों और शोषितों पर होने वाले अत्याचार के खिलाफ लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से लड़ाई लड़ी जा सके।
'सड़क पर उतरने से नहीं, अदालत से मिलेगा न्याय'
मायावती ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के साथ अन्याय होता है तो उसका समाधान अदालत और कानून के माध्यम से संभव है। उन्होंने मेरठ की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में लोगों को सड़क पर उतरने के बजाय न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर संघर्ष करने से ही पीड़ितों को स्थायी और निष्पक्ष न्याय मिल सकता है।
अन्य दलों पर भी साधा निशाना
बसपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल लोगों को भड़काकर हिंसा, सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। उनके अनुसार, ऐसी घटनाओं के बाद वही नेता घटनास्थल पर पहुंचकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करते हैं, लेकिन इससे पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे ऐसे राजनीतिक प्रयासों से सावधान रहें और किसी के बहकावे में आकर कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाले कदम न उठाएं।
सभी वर्गों से की शांति बनाए रखने की अपील
मायावती ने कहा कि समाज के सभी वर्गों को संयम और शांति बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि बसपा हमेशा संवैधानिक मूल्यों और कानूनी प्रक्रिया के तहत न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी इसी मार्ग पर कार्य करती रहेगी।