अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) अब मामले की तह तक पहुंचने के लिए अयोध्या रवाना हो रहा है। टीम मंदिर परिसर में पहुंचकर साक्ष्य जुटाएगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। सरकार ने जांच प्रक्रिया को समयबद्ध रखते हुए 7 दिन में प्रारंभिक और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
आज से शुरू होगी SIT की जांच
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच के लिए गठित SIT की टीम सोमवार को अयोध्या पहुंचेगी। सूत्रों के मुताबिक टीम दोपहर तक राम मंदिर परिसर पहुंचकर जांच की औपचारिक शुरुआत करेगी। जांच अधिकारी मंदिर प्रशासन, ट्रस्ट से जुड़े लोगों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल करेंगे। साथ ही मामले से जुड़े तकनीकी और वित्तीय पहलुओं की भी समीक्षा की जाएगी ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
15 दिन में सरकार को सौंपनी होगी फाइनल रिपोर्ट
राज्य सरकार ने SIT को स्पष्ट समयसीमा दी है। टीम को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जबकि 15 दिनों में विस्तृत अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। सरकार चाहती है कि मामले में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रखा जाए।
वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
जांच दल में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी एस. किरण और विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है। ये अधिकारी मामले के हर पहलू की गहन जांच करेंगे। टीम वित्तीय रिकॉर्ड, सुरक्षा व्यवस्था और चढ़ावे के प्रबंधन से जुड़े सभी दस्तावेजों का परीक्षण करेगी। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
नृपेंद्र मिश्रा ने फैसले का किया स्वागत
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने SIT गठन को सकारात्मक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बेहद तेजी से निर्णय लिया है, जो सराहनीय है। उनके मुताबिक जांच का उद्देश्य सिर्फ संभावित आपराधिक पहलुओं को उजागर करना नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुधारात्मक कदम भी सुनिश्चित करना है।
श्रद्धालुओं का भरोसा कायम रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि इस मामले में पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है, क्योंकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था राम मंदिर से जुड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ट्रस्ट, मंदिर समिति और जिला प्रशासन जांच एजेंसियों को हर संभव सहयोग देंगे। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधारों के जरिए ही श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत किया जा सकता है।