लखनऊ। उत्तरप्रदेश विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है। स्नातक और शिक्षक कोटे की इन सीटों पर कुल 152 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा। चुनाव में 55.24 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था। मतगणना के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रदर्शन पर सबकी नजरें टिकी हैं।
7 केंद्रों पर हो रही मतगणना
यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए वोटों की गिनती प्रदेश के 7 स्थानों पर कराई जा रही है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर शामिल हैं। मतगणना संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में हो रही है। सभी मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। केंद्रों पर बैरिकेडिंग की गई है और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।
5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव
विधान परिषद की इन 11 सीटों में 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। कुल 152 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। मतदान में 55.24 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।अब मतगणना के साथ ही इन निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवारों की जीत-हार की तस्वीर साफ होने लगेगी। सभी की नजरें आधिकारिक नतीजों पर हैं।
BJP और सपा के बीच मुख्य मुकाबला
इन चुनावों में मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के लिए भी इन नतीजों को राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
पहले किसके पास थीं कितनी सीटें?
चुनाव से पहले इन 11 सीटों पर अलग-अलग दलों और समूहों का प्रतिनिधित्व था।
भाजपा: 6 सीटें
समाजवादी पार्टी: 3 सीटें
निर्दलीय: 1 सीट
शिक्षक गुट: 1 सीट
मतगणना के बाद पता चलेगा कि इन सीटों पर राजनीतिक समीकरण में कितना बदलाव आया है और किस दल को कितनी सफलता मिली है।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम सियासी परीक्षा
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विधान परिषद की इन सीटों के नतीजों को राजनीतिक नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा और सपा दोनों के प्रदर्शन पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहेगी।फिलहाल मतगणना जारी है। अंतिम नतीजों के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।