बबराला - योगगुरु स्वामी रामदेव ने उत्तर प्रदेश के बबराला में आयोजित आर्य सम्मेलन में राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर वह चाहें तो उन्हें भी रोजगार दिया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि उनकी ओर से पांच लाख लोगों को रोजगार दिया गया है। इस दौरान रामदेव ने गुरुकुल परंपरा के संरक्षण, स्वदेशी उत्पादों को अपनाने और जातिगत भेदभाव खत्म करने पर जोर दिया। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गुरुकुलों के लिए 11 लाख रुपये के अनुदान की घोषणा भी की।
हेलीकॉप्टर से आर्य सम्मेलन में पहुंचे स्वामी रामदेव
स्वामी रामदेव सोमवार को हेलीकॉप्टर से बबराला स्थित बाबूराम सिंह भाय सिंह डिग्री कॉलेज के मैदान में आयोजित आर्य सम्मेलन में पहुंचे। सम्मेलन से पहले उन्होंने आर्य समाज के कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और विद्या कुंज इंटरनेशनल स्कूल का दौरा किया। इसके बाद दोपहर करीब एक बजे मंच पर पहुंचकर उन्होंने संबोधन शुरू किया।
अपने भाषण में रामदेव ने रोजगार, भारतीय संस्कृति, शिक्षा और स्वदेशी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने लोगों से भारतीय परंपराओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक एकता को मजबूत करने की अपील की।
राहुल गांधी पर कसा तंज, रोजगार देने की कही बात
अपने संबोधन के दौरान स्वामी रामदेव ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, "हमने पांच लाख लोगों को रोजगार दिया है। राहुल गांधी बेरोजगार हैं, अगर वह चाहें तो हम उन्हें भी रोजगार दे देंगे।" उनकी इस टिप्पणी को राजनीतिक तंज के तौर पर देखा जा रहा है। सम्मेलन में रामदेव ने रोजगार के मुद्दे के साथ-साथ भारतीय शिक्षा व्यवस्था और पारंपरिक संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत पर भी जोर दिया।
यूपी के गुरुकुलों को 11 लाख रुपये देने की घोषणा
स्वामी रामदेव ने उत्तर प्रदेश में गुरुकुलों को हरसंभव सहयोग देने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आश्वासन की सराहना की। उन्होंने राज्य के गुरुकुलों के लिए 11 लाख रुपये का अनुदान देने की घोषणा की। रामदेव ने लोगों से गुरुकुलों को आर्थिक सहयोग देने और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में योगदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज ऋषियों की परंपरा का वारिस है और इस विरासत को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अन्य धर्मों में दान की परंपरा का उल्लेख करते हुए लोगों को शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों के लिए सहयोग देने के लिए प्रेरित किया।
जातिगत भेदभाव मिटाने का दिया संदेश
अपने संबोधन में स्वामी रामदेव ने सामाजिक एकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र सहित सभी वर्णों के लोगों को जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर समाज की मजबूती के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने लोगों से आपसी मतभेद दूर करने और भारतीय समाज में समानता तथा भाईचारे की भावना को बढ़ावा देने की अपील की।
स्वदेशी अपनाने और फास्ट फूड से बचने की सलाह
स्वामी रामदेव ने विदेशी कंपनियों के उत्पादों पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से विदेशी उत्पादों के प्रति आकर्षण छोड़कर भारतीय उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने फास्ट फूड को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बताते हुए लोगों को संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। रामदेव ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति, पारंपरिक शिक्षा, सामाजिक समरसता और स्वास्थ्य को एक-दूसरे से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।