नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। उन्होंने 86 गेंदों पर नाबाद 106 रन बनाए, जिसमें 15 चौके शामिल रहे। वनडे क्रिकेट में यह उनका दूसरा शतक रहा। इस पारी के साथ दीप्ति छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए वनडे शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं।
दीप्ति की यह उपलब्धि सिर्फ एक शतक तक सीमित नहीं है। अपनी बल्लेबाजी और ऑफ स्पिन गेंदबाजी के दम पर उन्होंने भारतीय क्रिकेट में अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक दशक से अधिक का अनुभव रखने वाली दीप्ति कई बड़े टूर्नामेंटों में भारत की अहम खिलाड़ी रही हैं।
सचिन तेंदुलकर और मनोज प्रभाकर के खास क्लब में एंट्री
जिम्बाब्वे के खिलाफ शतकीय पारी के साथ दीप्ति ने एक और खास उपलब्धि अपने नाम की। उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक, वह वनडे क्रिकेट में 150 से अधिक विकेट लेने और कम से कम दो शतक लगाने वाली भारत की तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं।
- सचिन तेंदुलकर: 154 वनडे विकेट और 49 शतक।
- मनोज प्रभाकर: 157 वनडे विकेट और 2 शतक।
- दीप्ति शर्मा: 171 वनडे विकेट और 2 शतक।
यह उपलब्धि दीप्ति की ऑलराउंड क्षमता को दर्शाती है। वह न सिर्फ गेंद से विपक्षी टीम पर दबाव बनाती हैं, बल्कि जरूरत पड़ने पर बल्ले से भी बड़ी पारी खेलने में सक्षम हैं।
2014 में अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत
दीप्ति शर्मा का जन्म 24 अगस्त 1997 को उत्तर प्रदेश में हुआ। उन्होंने 28 नवंबर 2014 को बेंगलुरु में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। महज 17 साल की उम्र में भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका पाने वाली दीप्ति ने शुरुआत से ही अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से प्रभावित किया।
वह बाएं हाथ से बल्लेबाजी करती हैं और दाएं हाथ से ऑफ स्पिन गेंदबाजी करती हैं। यही दोहरी क्षमता उन्हें टीम के लिए खास बनाती है। वह मध्यक्रम में पारी संभालने के साथ-साथ महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालने की जिम्मेदारी भी निभाती हैं।
आयरलैंड के खिलाफ 188 रन की ऐतिहासिक पारी
दीप्ति के करियर की सबसे यादगार पारियों में आयरलैंड के खिलाफ 2017 में बनाया गया 188 रन का स्कोर शामिल है। उन्होंने पोटचेफस्ट्रूम में खेले गए मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी की थी। इस दौरान पूनम राउत के साथ उनकी 320 रन की साझेदारी हुई, जिसने महिला वनडे क्रिकेट में नया कीर्तिमान स्थापित किया। यह पारी उनकी बल्लेबाजी क्षमता का बड़ा उदाहरण बनी। दीप्ति ने साबित किया कि वह केवल गेंदबाजी में ही नहीं, बल्कि लंबी और प्रभावशाली बल्लेबाजी करने में भी सक्षम हैं।
गेंदबाजी में भी बना चुकी हैं कई रिकॉर्ड
दीप्ति शर्मा ने अपने करियर में गेंद से भी कई यादगार प्रदर्शन किए हैं। 2016 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे मुकाबले में उन्होंने 20 रन देकर छह विकेट हासिल किए थे। यह उनके करियर के बेहतरीन गेंदबाजी प्रदर्शनों में से एक है।
टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी दीप्ति ने अपनी उपयोगिता साबित की है। ICC की खिलाड़ी प्रोफाइल के मुताबिक, वह टी20 अंतरराष्ट्रीय में 100 विकेट लेने वाली पहली भारतीय महिला गेंदबाज बनी थीं। वह वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रारूपों में 1,000 रन और 100 विकेट का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर भी बनीं।
अर्जुन पुरस्कार से लेकर ICC सम्मान तक
दीप्ति शर्मा के शानदार प्रदर्शन को कई बड़े सम्मानों से भी नवाजा गया है। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
अर्जुन पुरस्कार, 2020: खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया।
ICC महिला प्लेयर ऑफ द मंथ, दिसंबर 2023: अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रभावशाली प्रदर्शन के लिए उन्हें ICC का यह सम्मान मिला।
WPL मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर, 2024: महिला प्रीमियर लीग में UP Warriorz के लिए शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के बाद वह टूर्नामेंट की सबसे मूल्यवान खिलाड़ी चुनी गईं।
महिला वनडे विश्व कप 2025: भारत की ऐतिहासिक खिताबी जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई और टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुनी गईं। फाइनल में उनके पांच विकेट के प्रदर्शन ने भी भारत की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
दीप्ति शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ी है। वह महिला प्रीमियर लीग में UP Warriorz की प्रमुख ऑलराउंडरों में शामिल रही हैं। 2024 के सीजन में उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया और मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर का पुरस्कार हासिल किया। उनकी खासियत यह है कि वह मैच की परिस्थिति के अनुसार अपनी भूमिका बदल सकती हैं। जरूरत पड़ने पर वह पारी को संभालती हैं, तेजी से रन बनाती हैं या फिर गेंदबाजी से विपक्षी टीम की साझेदारी तोड़ती हैं।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अहम खिलाड़ी
दीप्ति शर्मा का करियर इस बात का उदाहरण है कि एक बेहतरीन ऑलराउंडर टीम को कई तरह से मजबूती दे सकती है। शुरुआती अंतरराष्ट्रीय दिनों से लेकर विश्व कप जीत और अब जिम्बाब्वे के खिलाफ ऐतिहासिक शतक तक, उन्होंने लगातार अपनी उपयोगिता साबित की है।
वनडे में 150 से अधिक विकेट लेने के साथ शतकीय पारियां खेलने की उपलब्धि उनकी बहुमुखी प्रतिभा को रेखांकित करती है। दीप्ति की यह नई उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक और यादगार अध्याय है।