नई दिल्ली - न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहले अनौपचारिक टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए इंडिया ए की उम्मीदों को फिर से जिंदा कर दिया। उन्होंने आक्रामक अंदाज में शतक पूरा करने के बाद 150 रन का आंकड़ा भी पार किया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना सर्वश्रेष्ठ स्कोर बनाया। साई सुदर्शन के साथ उनकी बड़ी साझेदारी ने मुकाबले में इंडिया ए की वापसी की संभावनाएं बढ़ा दीं।
पडिक्कल ने छक्के के साथ पूरा किया शतक
देवदत्त पडिक्कल ने न्यूजीलैंड ए के गेंदबाजों के सामने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन तालमेल दिखाया। उन्होंने 128 गेंदों में छक्का लगाकर अपना शतक पूरा किया। शतक के बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और वह 150 रन का आंकड़ा पार करने में सफल रहे। इस पारी के साथ पडिक्कल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर दर्ज किया।
साई सुदर्शन के साथ हुई 215 रन की साझेदारी
पडिक्कल को दूसरे छोर पर साई सुदर्शन का भी अच्छा साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 215 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस दौरान दोनों ने भारतीय पारी को संभालने के साथ-साथ टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की कोशिश की। साई सुदर्शन ने भी शानदार बल्लेबाजी की, लेकिन वह शतक पूरा करने से चूक गए। उन्होंने 92 रन की उपयोगी पारी खेली। उनकी और पडिक्कल की साझेदारी ने इंडिया ए को शुरुआती झटकों से उबरने का अवसर दिया।
मुश्किल हालात में इंडिया ए की वापसी की उम्मीद
मुकाबले में इंडिया ए की शुरुआत बेहद खराब रही थी। टीम पहली पारी में महज 113 रन पर सिमट गई थी और उसे 204 रन की बढ़त गंवानी पड़ी थी। ऐसे मुश्किल हालात में पडिक्कल की पारी टीम के लिए बेहद अहम साबित हुई।
पडिक्कल और सुदर्शन की बल्लेबाजी ने मुकाबले में रोमांच बढ़ा दिया है। अब इंडिया ए की कोशिश इस साझेदारी से मिली गति को बरकरार रखते हुए मैच में अपनी स्थिति मजबूत करने की होगी। पडिक्कल का यह शतक न केवल उनके व्यक्तिगत प्रदर्शन के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि टीम की वापसी की उम्मीदों के लिए भी निर्णायक साबित हो सकता है।