इटावा - ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में एक छोटी-सी लापरवाही भी भारी आर्थिक नुकसान की वजह बन सकती है। उत्तर प्रदेश के इटावा में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां फ्लिपकार्ट से साड़ी मंगाने वाली एक युवती साइबर ठगी का शिकार हो गई। आरोप है कि साड़ी वापस करने की कोशिश के दौरान ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया और मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराकर बैंक खाते से पांच बार में कुल 99,518 रुपये निकाल लिए।
सबसे दुखद पहलू यह है कि परिवार ने यह रकम युवती की शादी और घर में समर लगवाने के लिए बचाकर रखी थी। खाते में बैलेंस शून्य देखकर युवती के होश उड़ गए। परिवार अब अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है।
साड़ी लौटाने की कोशिश में साइबर ठगी का आरोप
मामला इटावा जिले के लवेदी थाना क्षेत्र के बसैयाहार गांव का है। यहां रहने वाली आकांक्षा ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट से साड़ी मंगाई थी। साड़ी पसंद नहीं आने पर उसने उसे वापस करने के लिए रिटर्न रिक्वेस्ट दर्ज कराई।
आरोप है कि इसी दौरान उसके पास एक फोन कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर साड़ी वापसी की प्रक्रिया के नाम पर युवती को अपने झांसे में ले लिया। इसके बाद मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराई गई, जिसके जरिए ठगों ने उसके बैंक खाते से रकम निकाल ली।
पांच ट्रांजैक्शन में खाते से निकले 99,518 रुपये
युवती के खाते से पांच अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 99,518 रुपये निकाले जाने की बात सामने आई है। खाते में जमा रकम गायब होने का पता चलने पर आकांक्षा और उसका परिवार घबरा गया। परिवार के लिए यह नुकसान इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि रकम किसी गैरजरूरी खर्च के लिए नहीं, बल्कि बेटी की शादी और घर में समर लगवाने जैसे जरूरी कामों के लिए जमा की गई थी।
बैंक पहुंचे पिता-पुत्री, लेकिन हो चुका था समय
खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिलने के बाद आकांक्षा अपने पिता के साथ बैंक पहुंची। हालांकि, तब तक बैंक बंद हो चुका था। ऐसे में परिवार को तत्काल बैंक पहुंचकर मामले का समाधान कराने का मौका नहीं मिल सका। अब परिवार पुलिस-प्रशासन से संपर्क कर अपनी रकम वापस दिलाने की मांग कर रहा है। मामले में ठगी के आरोपों की जांच और रकम की वापसी के लिए संबंधित अधिकारियों की कार्रवाई अहम होगी।
ऑनलाइन रिटर्न के नाम पर होने वाली ठगी से कैसे बचें?
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान किसी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल पर भरोसा करने से पहले सतर्क रहना जरूरी है। साइबर ठग अक्सर रिफंड, रिटर्न या डिलीवरी की समस्या का बहाना बनाकर लोगों को निशाना बनाते हैं।
- सामान लौटाने या रिफंड के लिए केवल आधिकारिक ऐप या वेबसाइट का इस्तेमाल करें।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें।
- बैंकिंग ऐप, यूपीआई पिन, पासवर्ड और ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।
- खाते से अनधिकृत लेनदेन होने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
- साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
यह घटना ऑनलाइन खरीदारी करते समय सतर्क रहने की जरूरत को रेखांकित करती है। किसी भी रिटर्न या रिफंड के लिए अनजान कॉलर के निर्देश मानने के बजाय आधिकारिक ग्राहक सेवा से संपर्क करना सुरक्षित विकल्प है।