नई दिल्ली - भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे वनडे मुकाबले में शानदार शतकीय पारी खेलकर इतिहास रच दिया। शुरुआती झटकों से जूझ रही भारतीय टीम को उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों से उबारा और अपने दमदार प्रदर्शन के जरिए पूर्व कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ दिया। अब हरमनप्रीत महिला वनडे क्रिकेट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं।
शुरुआती झटकों के बाद हरमनप्रीत ने संभाली पारी
जिम्बाब्वे महिला टीम के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के दूसरे मुकाबले में भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और भारत ने 19 रन के स्कोर तक अपने दो विकेट गंवा दिए।
ऐसे मुश्किल समय में बल्लेबाजी करने उतरी हरमनप्रीत कौर ने जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने एक छोर पर टिककर बल्लेबाजी की और जरूरत के मुताबिक आक्रामक रुख अपनाते हुए भारतीय पारी को मजबूती दी। उनकी शानदार बल्लेबाजी ने टीम को शुरुआती झटकों से उबरने में अहम भूमिका निभाई।
121 गेंदों में 126 रन, जड़ा वनडे करियर का आठवां शतक
हरमनप्रीत कौर ने 101 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में 121 गेंदों का सामना करते हुए 15 चौकों की मदद से 126 रन बनाए। उनकी इस पारी में अनुभव, धैर्य और आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार मेल देखने को मिला।
पहले वनडे में हरमनप्रीत को बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था, लेकिन दूसरे मुकाबले में उन्होंने इसकी पूरी भरपाई कर दी। यह उनके वनडे करियर का आठवां शतक रहा, जिसने भारतीय महिला क्रिकेट में उनकी उपलब्धियों की सूची में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ दिया।
मिताली राज को पछाड़कर दूसरे स्थान पर पहुंचीं
इस शतकीय पारी के साथ हरमनप्रीत कौर ने भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज को पीछे छोड़ दिया। वह अब महिला वनडे क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली खिलाड़ियों में दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। इस सूची में मौजूदा भारतीय कप्तान स्मृति मंधाना शीर्ष पर हैं, जिनके नाम 14 वनडे शतक दर्ज हैं। हरमनप्रीत का यह प्रदर्शन उनके लंबे क्रिकेट करियर और दबाव में टीम के लिए बड़ी पारियां खेलने की क्षमता को दर्शाता है।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए अहम उपलब्धि
हरमनप्रीत कौर लंबे समय से भारतीय महिला क्रिकेट की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रही हैं। बड़े मुकाबलों में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में पारी संभालने की क्षमता टीम के लिए बेहद अहम रही है। जिम्बाब्वे के खिलाफ लगाया गया यह शतक भी इसी अनुभव और नेतृत्व क्षमता की मिसाल है।
उनकी इस पारी ने न केवल भारतीय पारी को संभालने में मदद की, बल्कि महिला वनडे क्रिकेट में भारत की सबसे सफल शतकवीर बल्लेबाजों की सूची में उनकी स्थिति को भी मजबूत किया।