प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से संवेदनशील राज्य उत्तराखंड ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आपदा प्रबंधन क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। ओडिशा के पुरी में आयोजित BRICS आपदा जोखिम न्यूनीकरण Disaster Risk Reduction कार्य समूह की बैठक में उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन मॉडल की व्यापक सराहना की गई।
धराली आपदा राहत अभियान प्रस्तुत
बैठक में विशेष रूप से उत्तरकाशी के सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन और धराली आपदा राहत अभियान को उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किया गया। इन अभियानों को कठिन परिस्थितियों में सफलतापूर्वक संचालित किए गए प्रभावी राहत एवं बचाव कार्यों के रूप में सराहा गया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रतिवादन बल SDRF और अन्य एजेंसियों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता समन्वय और पहाड़ी क्षेत्रों में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद किए गए कार्यों की प्रशंसा की। बैठक में यह भी माना गया कि उत्तराखंड का आपदा प्रबंधन मॉडल अन्य पर्वतीय और आपदा-प्रवण क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है।
वैश्विक स्तर पर तकनीक क्षमता प्रदर्शित
विशेषज्ञों के अनुसार सिलक्यारा टनल रेस्क्यू ऑपरेशन ने न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी आधुनिक तकनीक प्रशासनिक समन्वय और बचाव कार्यों की क्षमता को प्रदर्शित किया। वहीं धराली आपदा राहत अभियान ने भी स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों के बेहतर तालमेल को उजागर किया।
इस अंतरराष्ट्रीय सराहना के बाद उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत और प्रभावी बनाने की दिशा में नई संभावनाएं भी सामने आई हैं।