भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड के दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में आगामी विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 S.I.R. के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजित किया गया।
घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन
प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्वाचक नामावली के सूक्ष्म मिलान एवं पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि शुद्ध अद्यतन एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची ही निष्पक्ष और पारदर्शी निर्वाचन की आधारशिला है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुनरीक्षण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा 08 जून से 07 जुलाई 2026 तक बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हुए गणना प्रपत्र का वितरण एवं संग्रह किया जाएगा। प्रत्येक परिवार तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बीएलओ कम से कम तीन बार भ्रमण करेंगे। इसी अवधि में मतदान केंद्रों के युक्तिकरण का कार्य भी 07 जुलाई तक पूर्ण किया जाएगा।
14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे प्राप्त
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रारूप निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 14 जुलाई 2026 को किया जाएगा। इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। दावे एवं आपत्तियां ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों माध्यमों से दर्ज की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का नियमानुसार निस्तारण 11 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा अंतिम निर्वाचक नामावली का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को किया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक पात्र मतदाता का नाम निर्वाचक नामावली में शामिल करना तथा मृत स्थानांतरित अपात्र एवं डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक शुद्ध एवं विश्वसनीय बनाना है।
मतदेय स्थल का भौतिक सत्यापन
जिलाधिकारी ने समस्त नोडल अधिकारियों निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि औपचारिक घोषणा से पूर्व ही मतदाता सूची का गहन परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से बीएलओ के माध्यम से प्रत्येक मतदेय स्थल का भौतिक सत्यापन कराने तथा घर-घर जाकर मतदाताओं का विवरण अद्यतन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य ऐसे सभी को सूची में शामिल करना है जो 01 जनवरी 2026 को 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर रहे हैं ताकि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। साथ ही मृतक स्थानांतरित एवं दोहरी प्रविष्टियों को नियमानुसार हटाकर एक पारदर्शी एवं विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुगम एवं तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए जिलाधिकारी ने वोटर हेल्पलाइन एप एवं ऑनलाइन पंजीकरण माध्यमों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।
जन-जागरूकता बढ़ाने पर जोर
उन्होंने दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से जन-जागरूकता बढ़ाने तथा राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर बूथ स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को चुनाव आयोग के मानक व दायरे के अंतर्गत कार्य करने के साथ ही निर्धारित समयसारिणी का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी विभागों के समन्वित प्रयास एवं समयबद्ध कार्यप्रणाली के माध्यम से जनपद चम्पावत में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 को एक आदर्श मॉडल के रूप में सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा।