थराली विकासखंड के थराली–सूना–पैनगढ़ मोटरमार्ग पर प्राणमति नदी पर वर्ष 2023 की आपदा में बह चुके पुल के स्थान पर लंबे समय से चल रही वैली ब्रिज की मांग अब पूरी होती नजर आ रही है। पुल बह जाने के बाद से इस क्षेत्र के ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। सामान्य दिनों में लोग लकड़ी की अस्थायी पुलिया के सहारे किसी तरह आवागमन कर रहे थे जबकि बरसात के मौसम में आवाजाही पूरी तरह ठप हो जाती थी।
तकनीकी दिक्कतों से कार्य अधर में लटका
स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने यहां वैली ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू किया था लेकिन प्राणमति नदी के तेज बहाव में एक बार यह निर्माण भी बह गया। इसके बाद स्पान अधिक होने के कारण तकनीकी दिक्कतों की वजह से कार्य अधर में लटक गया। बाद में पुराने पुल से कुछ दूरी पर देकुना तोक में वैली ब्रिज निर्माण की नई जगह तय कर काम शुरू किया गया लेकिन भूमि और मुआवजे को लेकर स्थानीय विवाद के चलते यह कार्य भी रोकना पड़ा।
लगातार अटके इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में निराशा बढ़ रही थी। इसी बीच थराली विधायक भूपालराम टम्टा और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद भूमि स्वामियों से बातचीत की गई जिसमें सहमति बनने पर विवाद का समाधान हो गया। इसके बाद वैली ब्रिज निर्माण की राह फिर से खुल गई।
थराली विधायक ने की पूजा-अर्चना
थराली विधायक भूपालराम टम्टा की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद वैली ब्रिज निर्माण कार्य को औपचारिक रूप से दोबारा शुरू कर दिया गया। इस दौरान विधायक ने कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए कि बरसात से पहले हर हाल में पुल का निर्माण कार्य पूरा किया जाए ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
वैली ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू होने से थराली सूना देवलग्वाड़ समेत आसपास के कई गांवों के लोगों में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें बरसात में भी सुरक्षित और सुगम आवागमन की उम्मीद जगी है जिससे लंबे समय से चली आ रही परेशानी काफी हद तक दूर हो सकेगी।