उत्तराखंड सरकार ने कथित लैंड जिहाद और सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के खिलाफ सख्ती तेज कर दी है। ऊधम सिंह नगर जिले के रुद्रपुर स्थित पहाड़गंज क्षेत्र में नजूल और सीलिंग की भूमि पर बने अवैध निर्माण प्रशासन की कार्रवाई की जद में आ गए हैं। जांच के बाद करीब 200 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिए गए हैं। मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण, राजस्व विभाग, नगर निगम, पुलिस और विद्युत विभाग की संयुक्त टीम ने क्षेत्र का दौरा किया और 199 भवन स्वामियों को ध्वस्तीकरण आदेश तामील कराए। प्रशासन ने सभी लोगों को एक माह के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन स्वयं बुलडोजर कार्रवाई करेगा।
पहले 350 निर्माणों पर हुई थी कार्रवाई
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय के अनुसार, पहाड़गंज क्षेत्र में पहले लगभग 350 अवैध निर्माणों के खिलाफ जिला विकास प्राधिकरण ने कार्रवाई की थी। सुनवाई पूरी होने के बाद करीब 200 मामलों में ध्वस्तीकरण के आदेश पारित किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिजली और पानी के कनेक्शनों की होगी जांच
निरीक्षण के दौरान कई भवनों में बिजली कनेक्शन चालू पाए गए। प्रशासन ने इन कनेक्शनों की वैधता की जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन कर कनेक्शन दिए गए हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ध्वस्तीकरण से पहले सभी भवनों के बिजली और पेयजल कनेक्शन हटाए जाएंगे।
बाहरी लोगों को जमीन बेचने के आरोप
निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने आरोप लगाया कि कुछ लोग बाहरी व्यक्तियों और मुस्लिम समुदाय के लोगों से बड़ी रकम लेकर इलाके में बसावट करा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एडीएम पंकज उपाध्याय ने जांच समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ लैंड फ्रॉड कमेटी के माध्यम से कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दोहराया सख्त संदेश
प्रशासन का कहना है कि राजकीय भूमि की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सरकारी जमीनों पर किए गए सभी अवैध निर्माणों को नियमानुसार हटाया जाएगा। संयुक्त टीम की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।