देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियों की शुरुआत के साथ ही मौसम का स्वरूप परिवर्तित होने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ रही है और वातावरण में नमी का स्तर भी बढ़ा है। इसी कारण आने वाले दिनों में वर्षा और आंधी-तूफान जैसी स्थितियां बन सकती हैं। मौसम विभाग ने 17 से 21 मार्च के बीच कई राज्यों में गरज-चमक के साथ वर्षा की संभावना व्यक्त करते हुए सतर्क रहने का परामर्श जारी किया है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में तेज बदलाव
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बदलाव के पीछे पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता प्रमुख कारण है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की परिस्थितियां बन रही हैं। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देने की संभावना है। इससे तापमान में भी कुछ गिरावट दर्ज हो सकती है।
उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में बारिश और ओलों की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर प्रदेश के चालीस से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा हो सकती है। इसके अतिरिक्त लगभग बीस जिलों में ओलावृष्टि की संभावना भी व्यक्त की गई है। इस दौरान कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं जिनकी गति लगभग चालीस से पचास किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में यह प्रभाव अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
19 मार्च के आसपास फिर सक्रिय हो सकता है नया पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार 19 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके कारण पहले से मौजूद बादलों और नमी की स्थिति को और बल मिल सकता है, जिससे वर्षा का क्रम आगे भी जारी रह सकता है। यदि यह प्रणाली सक्रिय होती है तो कई क्षेत्रों में मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल सकता है और आंधी-तूफान की स्थितियां भी बन सकती हैं।
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में भी मौसम रहेगा सक्रिय
उत्तराखंड के कई पर्वतीय जिलों में भी मौसम में परिवर्तन की संभावना व्यक्त की गई है। उत्तरकाशी, चमोली, अल्मोड़ा, टिहरी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और देहरादून जैसे क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। इसके साथ ही अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली गिरने तथा कहीं-कहीं हिमपात की संभावना भी बताई गई है।
सावधानी और सतर्कता की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को इस अवधि के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से खुले स्थानों पर रहने, बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थान पर जाने तथा तेज हवाओं के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने का परामर्श दिया गया है, ताकि संभावित वर्षा और ओलावृष्टि से नुकसान को कम किया जा सके।
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