बोलपुर (बीरभूम): पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के बोलपुर में नाबालिग घरेलू सहायिका से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में भाजपा के एक युवा नेता को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अरूप मंडल के रूप में हुई है। वह भाजपा के बोलपुर सांगठनिक जिले के युवा मोर्चा के सह-उपाध्यक्ष बताए जा रहे हैं। मामले में शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी के घर पर नाबालिग घरेलू सहायिका के तौर पर काम करती थी। परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। हालांकि, लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
क्या है पूरा मामला?
परिवार के मुताबिक, 30 अगस्त को कथित तौर पर नाबालिग के साथ आरोपी ने आपत्तिजनक व्यवहार किया। घटना के तुरंत बाद नाबालिग ने परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी थी। बाद में उसके व्यवहार में बदलाव देखकर उसकी मां को शक हुआ। पूछताछ करने पर नाबालिग ने कथित घटना के बारे में बताया। परिवार ने आरोप लगाया कि इससे पहले भी आरोपी की ओर से नाबालिग के साथ अश्लील इशारे किए गए थे। परिवार के अनुसार, एक दिन नाबालिग की बहन भी उसके साथ गई थी और उसने कथित आपत्तिजनक व्यवहार को दूर से मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया। इन आरोपों की जांच पुलिस कर रही है।
शिकायत के बाद हुई गिरफ्तारी
मामला सामने आने के बाद परिजनों ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने अरूप मंडल को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उसे अदालत में पेश किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को अदालत में अवकाश होने के कारण आरोपी को विशेष अदालत में पेश किया गया और उसे तीन दिनों की जेल हिरासत में भेजा गया। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को पॉक्सो अदालत में होने की बात कही गई है। नाबालिग से जुड़े यौन अपराध के मामले में POCSO Act के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है। मामले में जांच के दौरान पुलिस शिकायत, मेडिकल और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करेगी।
आरोपी ने लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप
गिरफ्तारी के बाद अरूप मंडल ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनके मुताबिक, विरोधियों की साजिश के कारण उन्हें मामले में फंसाया गया है। वहीं, उनके वकील संदीप चंद्र ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के बाद घटना की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट होगी।
भाजपा ने दो साल के लिए किया निष्कासित
मामला सामने आने के बाद भाजपा ने अरूप मंडल के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई भी की है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें दो साल के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है। हालांकि, भाजपा के बोलपुर सांगठनिक जिला अध्यक्ष श्यामापद मंडल ने कहा कि आरोपों की सत्यता अभी जांच का विषय है। उन्होंने यह भी बताया कि मंडल के खिलाफ पहले से ही संगठन-विरोधी गतिविधियों को लेकर शिकायत मिली थी और उनके खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया गया था।
अब जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। नाबालिग से जुड़े मामलों में उसके बयान, मेडिकल जांच और अन्य साक्ष्यों की अहम भूमिका होगी। अदालत में आगे की सुनवाई के दौरान मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट होगी।
महत्वपूर्ण: आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक रूप से सिद्ध नहीं हुए हैं। गिरफ्तारी या प्राथमिकी को दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता।