कोलकाता: चोरबागान कांड की असली वजह का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) ने जांच की प्रक्रिया तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को राइटर्स बिल्डिंग में हुई पहली बैठक में जांच की रूपरेखा, सबूत जुटाने और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। SIT की अध्यक्ष और कलकत्ता हाई कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती ने बताया कि 31 अक्टूबर, शनिवार से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया जाएगा।
पहली बैठक में तैयार हुई जांच की रूपरेखा
चोरबागान कांड की जांच को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए सोमवार को महाकरण स्थित राइटर्स बिल्डिंग में छह सदस्यीय विशेष जांच दल की बैठक हुई। सेवानिवृत्त न्यायाधीश अनिंदिता राय सरस्वती के नेतृत्व में हुई इस बैठक में जांच की प्रगति, घटना के पीछे के संभावित कारणों और प्राथमिकता के आधार पर जांच किए जाने वाले पहलुओं पर चर्चा हुई। बैठक में कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
जांच के अगले चरण की तैयारी
घटना की वास्तविक वजह का पता लगाना और उससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की पड़ताल करना SIT का प्रमुख उद्देश्य है। इसी क्रम में जरूरी जानकारी जुटाने, संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा करने और जांच को आगे बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा की गई। जांच के दौरान किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ।
31 अक्टूबर से जुटाए जाएंगे सबूत
बैठक के बाद राइटर्स बिल्डिंग से बाहर निकलते हुए SIT की अध्यक्ष अनिंदिता राय सरस्वती ने बताया कि सोमवार को जांच दल की पहली बैठक हुई। इसमें मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा की गई कि जांच की प्रक्रिया को किस तरह आगे बढ़ाया जाएगा। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 31 अक्टूबर से साक्ष्य जुटाने का काम शुरू होगा।
चोरबागान कांड की जांच पर टिकी निगाहें
चोरबागान कांड की जांच अब एक महत्वपूर्ण चरण में पहुंचने वाली है। 31 अक्टूबर से साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मामले की जांच को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि SIT की जांच में कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं और घटना की असली वजह का खुलासा किस तरह होता है।